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Student Alert: 9वीं से 12वीं के छात्रों को मिलेंगे हर साल ₹12,000, बस इस आसान टेस्ट को करें पास; आवेदन की आखिरी तारीख पास।

देश में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कई स्कीम शुरू की गई है। NMMS के तहत 9वीं से 12वीं के छात्रों को प्रति वर्ष 12,000 रूपए मिल रहे हैं।

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अगर आपका बच्चा कक्षा 9वीं से 12वीं तक सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहा है, तो यह खबर उसके भविष्य को चमका सकती है। केंद्र सरकार की नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMS) के तहत मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को हर साल 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। यह राशि मासिक 1,000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खाते में आएगी।

शिक्षा मंत्रालय की इस योजना ने अब तक लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा की राह आसान बनाई है, लेकिन 2025-26 सत्र के लिए आवेदन का समय तेजी से खत्म हो रहा है। अभिभावक सतर्क हो जाएं, क्योंकि राज्यवार अंतिम तिथि नजदीक है।

Student Alert: 9वीं से 12वीं के छात्रों को मिलेंगे हर साल ₹12,000, बस इस आसान टेस्ट को करें पास; आवेदन की आखिरी तारीख पास।

योजना का उद्देश्य और लाभ

NMMS स्कीम का मुख्य लक्ष्य कक्षा 8वीं के बाद गरीब छात्रों का ड्रॉपआउट रोकना है। यह केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसमें हर साल देशभर से एक लाख छात्र चुने जाते हैं। छात्रवृत्ति कक्षा 9वीं से शुरू होकर 12वीं तक चलती है, बशर्ते छात्र हर साल कम से कम 55 प्रतिशत अंक लाएं। रिन्यूअल के लिए स्कूल से परफॉर्मेंस रिपोर्ट जमा करनी पड़ती है।

यह स्कॉलरशिप न केवल किताबें खरीदने या पढ़ाई के खर्च उठाने में मदद करती है, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास भी जगाती है। पिछले वर्षों में पंजाब, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के हजारों छात्रों ने इसका लाभ उठाया। अगर परिवार की सालाना आय 3.5 लाख रुपये से कम है, तो यह मौका हाथ से न जाने दें।

कौन बन सकता है पात्र?

पात्रता के मानदंड सरल हैं, लेकिन सख्ती से पालन जरूरी। सबसे पहले, छात्र ने कक्षा 8वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी के लिए 50 प्रतिशत) हासिल किए हों और कक्षा 9वीं में दाखिला ले लिया हो। स्कूल सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय का होना चाहिए। केंद्रीय विद्यालय या नवोदय विद्यालय के छात्र इस योजना के दायरे से बाहर हैं।

परिवार की आय का प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। चयन राज्य स्तर पर आयोजित परीक्षा से होता है, जिसमें मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT) और स्कॉलरशिप एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) शामिल होते हैं। परीक्षा कुल 90 मिनट की होती है और ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है। राज्य शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) परीक्षा का आयोजन करती है। आरक्षण राज्य कोटा के अनुसार लागू होता है।

आवेदन की सरल प्रक्रिया

आवेदन राष्ट्रीय स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.gov.in) पर ऑनलाइन होता है। पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें, जिसमें आधार कार्ड लिंक करना जरूरी। इसके बाद NMMS स्कीम सर्च करें और फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज जैसे 8वीं की मार्कशीट, आय प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू) अपलोड करें। फॉर्म को ड्राफ्ट में सेव करके बाद में सबमिट करें।

कई राज्यों में 2025-26 सत्र के लिए जून-जुलाई से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका था, परीक्षा नवंबर-दिसंबर में हुई। रिन्यूअल के लिए जनवरी का विंडो था, लेकिन देरी से चेक करें। पंजाब और उत्तर प्रदेश के छात्र अपनी राज्य SCERT वेबसाइट पर तुरंत नजर रखें। प्रक्रिया में कोई शुल्क नहीं, लेकिन समय पर जमा न करने से अवसर हाथ से निकल जाता है।

विशेषज्ञों की सलाह और सावधानियां

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NMMS जैसी योजनाएं ग्रामीण और गरीब छात्रों के लिए गेम चेंजर हैं। अभिभावक बच्चों को परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित करें, क्योंकि सिलेबस 8वीं स्तर का होता है। सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न ऑनलाइन उपलब्ध हैं। सावधानी बरतें फर्जी वेबसाइटों से बचें और केवल आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल करें।

अगर आवेदन में समस्या हो, तो हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। देरी न करें, क्योंकि सीटें सीमित हैं और चयन प्रतिस्पर्धी होता है। यह स्कीम न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि छात्रों को मेरिट की प्रेरणा भी। तुरंत एक्शन लें, वरना यह सुनहरा मौका छूट जाएगा। सरकार की डिजिटल पहल से लाखों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं, आपका बच्चा अगला हो सकता है। ज्यादा जानकारी के लिए पोर्टल विजिट करें।

Author
info@ortpsa.in

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