भारत के किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण फूट पड़ी है। केंद्र और राज्य सरकारों ने कृषि यंत्रीकरण को गति देने के लिए स्प्रे पंप मशीनों पर भारी सब्सिडी की घोषणा की है। खासकर महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बैटरी चालित दवा छिड़काव मशीनों पर 100 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है, जबकि पंजाब, बिहार और उत्तर प्रदेश में 40 से 90 प्रतिशत की छूट उपलब्ध है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों की मेहनत को आसान बनाने का बड़ा प्रयास है, जहां पुराने हाथ के पंपों से होने वाली थकान अब इतिहास बनने वाली है।

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योजना की पूरी जानकारी!
खेती में फसलों पर कीटनाशक और दवाओं का छिड़काव एक ऐसा काम है, जो घंटों समय लेता है और किसान की कमर तोड़ देता है। नई बैटरी स्प्रे पंप मशीनें इस समस्या का समाधान हैं। एक बार चार्ज करने पर ये 2-3 घंटे तक बिना रुके कई एकड़ खेत कवर कर लेती हैं। इससे न केवल श्रम की बचत होती है, बल्कि फसलें कीटों से बेहतर सुरक्षित रहती हैं और उपज में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। पंजाब के गेहूं-धान किसानों से लेकर बिहार के मक्का उत्पादकों तक, हर कोई इसका फायदा उठा सकता है। यह SMAM जैसी केंद्रीय योजनाओं का हिस्सा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
किसे मिलेगा लाभ
यह योजना मुख्य रूप से लघु एवं सीमांत किसानों के लिए है, जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है। एससी/एसटी वर्ग, महिलाएं और नए किसान प्राथमिकता पाते हैं। बड़े जमींदार या पहले लाभ ले चुके व्यक्ति अयोग्य हैं। पंजाब में CRM-SMAM के तहत पावर स्प्रेयर पर 50 प्रतिशत सब्सिडी है, महाराष्ट्र में कपास-सोयाबीन किसानों को पूरी मशीन मुफ्त। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 50-90 प्रतिशत छूट है। बाजार में 2000-3000 रुपये की मशीन अब लगभग मुफ्त हो गई है।
पात्रता के मानदंड
किसान होना जरूरी है, साथ ही जमीन का मालिकाना हक साबित करना होगा। आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक्ड हो, और पहले इस योजना का लाभ न लिया हो। आयकरदाता बाहर। एक किसान एक मशीन का सख्त नियम है।
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आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
आवेदक नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
- राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट खोलें, जैसे पंजाब के लिए agrisnet.punjab.gov.in, बिहार के लिए farmech.bihar.gov.in या महाराष्ट्र के लिए mahadbt.maharashtra.gov.in।
- आधार या मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें, किसान प्रमाणपत्र बनाएं।
- ऑनलाइन फॉर्म भरें: जमीन विवरण, मशीन मॉडल चुनें (empanelled डीलर की लिस्ट चेक करें)।
- मशीन खरीदें और बिल स्कैन करके अपलोड करें।
- सबमिट के 15-25 दिनों में सब्सिडी डीबीटी से बैंक खाते में आ जाएगी।
लुधियाना जिले में सैकड़ों किसान पहले ही आवेदन कर चुके हैं। फरवरी 2026 तक विंडो खुली है, लेकिन जल्दी करें वरना मौका हाथ से निकल सकता है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए ये दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक।
- जमीन के खतौनी/खसरा नंबर।
- किसान रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र।
- मशीन खरीद का बिल और फोटो।
- मोबाइल नंबर।
सभी को स्कैन करके अपलोड करें। गलत जानकारी से आवेदन रद्द हो सकता है।
किसानों की प्रतिक्रियाएं
लुधियाना के किसान हरप्रीत सिंह कहते हैं, “पुराना पंप हाथ दर्द कर देता था, अब नई मशीन से काम तेज और आसान।” बिहार की रामदुलारी देवी बोलीं, “महिलाओं के लिए वरदान, सब्सिडी से जेब भी बच गई।” यह योजना न केवल खेती को आधुनिक बना रही है, बल्कि किसान परिवारों की जिंदगी बदल रही है। फसल नुकसान रुकेगा, आय बढ़ेगी। किसान भाइयों-बहनों, देर न करें अभी मोबाइल उठाएं और सरकारी फॉर्म भरें। यह आपके खेतों की नई क्रांति है!
















