पंजाब के खेतों में अब सूरज की किरणें किसानों की सबसे बड़ी ताकत बनने को तैयार हैं। केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना के तहत किसान अपने खेतों में सोलर पंप लगवा सकते हैं, जिसमें 90 प्रतिशत तक का खर्च सरकार वहन करेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिल खत्म हो जाएगा, बल्कि किसान अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे। यह योजना खासकर सिंचाई पर निर्भर पंजाबी किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

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योजना का उद्देश्य और स्वरूप
यह योजना किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इसका लक्ष्य डीजल तथा बिजली से चलने वाले पारंपरिक पंपों को सोलर पंपों से बदलना है। योजना में तीन मुख्य हिस्से हैं – पहले नए सोलर पंप लगाना, दूसरे पुराने पंपों को सोलर से अपग्रेड करना और तीसरे ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना। पंजाब सहित पूरे देश में लाखों किसान इससे लाभ ले चुके हैं। आने वाले समय में और भी विस्तार की योजना है।
वित्तीय सहायता का आकर्षण
सबसे बड़ी बात यह है कि सोलर पंप की लागत का बड़ा हिस्सा सरकार देगी। केंद्र का योगदान 60 प्रतिशत तक होता है, जबकि राज्य स्तर पर अतिरिक्त मदद मिलने से कुल 90 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल जाती है। इसका मतलब एक लाख रुपये के पंप पर किसान को केवल 10 हजार रुपये ही चुकाने पड़ेंगे। दो से पांच एचपी क्षमता के पंप इस श्रेणी में आते हैं। बैंक लोन की आसान सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आर्थिक चिंता कम होती है। पंजाब में हाल ही में घोषित लक्ष्य के तहत हजारों नए पंप लगाए जाएंगे।
कौन ले सकता है लाभ?
हर वह किसान जो भारतीय नागरिक हो और उसके पास जमीन का वैध कब्जा या पट्टा हो, वह पात्र है। ऑफ ग्रिड इलाकों में रहने वाले किसानों को पहले मौका मिलता है। पंचायत या समूह स्तर पर भी आवेदन किया जा सकता है। पंजीकृत विक्रेताओं से ही पंप लगवाना जरूरी होता है ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित रहे। लुधियाना के किसान स्थानीय कृषि विभाग से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
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आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया सरल और डिजिटल है।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण और जमीन के कागजात अपलोड करें।
- नजदीकी ब्लॉक या कृषि कार्यालय में जाकर सत्यापन करवाएं।
- स्वीकृति के बाद लॉटरी या प्राथमिकता के आधार पर पंप आवंटित हो जाता है।
पंजाब में खरीफ फसल के मौसम के लिए विशेष कैंप लग रहे हैं, जहां तुरंत आवेदन स्वीकार हो रहे हैं।
किसानों को क्या फायदा
सोलर पंप लगने से सिंचाई पूरी तरह मुफ्त हो जाती है। डीजल या बिजली का खर्च हमेशा के लिए खत्म। अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर मासिक आय भी संभव है। खेती की लागत कम होने से फसल उत्पादन बढ़ेगा और मुनाफा दोगुना हो सकता है। पर्यावरण के लिए भी यह कदम सकारात्मक है क्योंकि प्रदूषण कम होगा। पंजाब जैसे पानी की चुनौती वाले क्षेत्र में यह बदलाव क्रांतिकारी साबित हो रहा है।
अभी आवेदन करें
किसान भाइयों, यह सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें। नजदीकी कृषि केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल पर आज ही पहुंचें। सूरज की रोशनी आपके खेतों को नई जिंदगी देगी और आर्थिक स्वावलंबन का रास्ता प्रशस्त करेगी। ग्रामीण भारत की यह नई ऊर्जा क्रांति किसानों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
















