
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब ग्रामीण इलाकों के कुटीर ज्योति श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल पूर्णतः निःशुल्क लगाए जाएंगे। यह पहल गरीब और वंचित परिवारों को ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जहां उपभोक्ता की सहमति के बाद उनके आवास पर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। बिना एक पैसा लगाए यह सुविधा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हरित ऊर्जा की ओर धकेल देगी।
Table of Contents
योजना का विस्तृत स्वरूप और लाभ
कुटीर ज्योति श्रेणी के तहत चिह्नित बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) ग्रामीण परिवारों को लक्षित यह पहल पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का विशेष विस्तार है। नवहट्टा पावर ग्रिड के कनिष्ठ अभियंता ने बताया, “सोलर ऊर्जा से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक, सुरक्षित और टिकाऊ ऊर्जा समाधान मिलेगा।” 1.1 kW सिस्टम से प्रतिमाह 100-150 यूनिट बिजली मुफ्त उत्पन्न होगी, जो औसत बीपीएल परिवार की जरूरतों को पूरा करेगी। इससे सालाना ₹10,000-15,000 तक बिजली बिल की बचत होगी।
इसका मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को घरेलू बिजली आवश्यकताओं में आत्मनिर्भर बनाना, बिजली खर्च घटाना और राज्य स्तर पर स्वच्छ, हरित नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार की ₹75,021 करोड़ की इस योजना में 1 करोड़ घरों को कवर करने का लक्ष्य है, जिसमें 2026 तक लाखों इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा मोबाइल ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, जो प्रक्रिया को सरल बनाता है।
कुटीर ज्योति योजना की पृष्ठभूमि
कुटीर ज्योति योजना की शुरुआत 1988-89 में भारत सरकार ने की थी, ताकि ग्रामीण बीपीएल परिवारों के घरों में एकल बिंदु प्रकाश कनेक्शन पहुंचे। इसका उद्देश्य गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना था। अब इसे सौर ऊर्जा से जोड़कर आधुनिक रूप दिया गया है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत 1 kW से 3 kW तक सिस्टम पर ₹30,000 से ₹78,000 सब्सिडी मिलती है, लेकिन कुटीर ज्योति के लिए पूर्ण निःशुल्क प्रावधान है। इससे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को स्वच्छ रोशनी मिलेगी, जो स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देगी।
आवेदन कैसे करें?
- सुविधा ऐप डाउनलोड करें (Google Play/Apple Store) या नजदीकी विद्युत कार्यालय जाएं।
- उपलब्ध मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें और आधार/बिजली बिल विवरण भरें।
- सहमति दें– सिस्टम इंस्टॉलेशन के लिए छत की उपलब्धता बताएं।
- डिस्कॉम-अनुमोदित वेंडर 30 दिनों में इंस्टॉल करेगा; नेट मीटरिंग स्वतः चालू।
- स्थिति चेक के लिए pmsuryaghar.gov.in डैशबोर्ड देखें।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि फर्जी वेंडरों से सावधान रहें। योजना की प्रामाणिक जानकारी PIB.gov.in या MNRE साइट से लें।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
हालांकि योजना क्रांतिकारी है, ग्रामीण जागरूकता की कमी और रखरखाव चुनौतियां बनी हुई हैं। 2026-27 तक पूर्ण लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकारें अतिरिक्त प्रोत्साहन दे रही हैं, जैसे उत्तर प्रदेश में बीपीएल को प्राथमिकता। इससे भारत का नेट जीरो लक्ष्य मजबूत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऊर्जा निर्यातक बना सकता है।
यह पहल न केवल बिजली बिल घटाएगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में ग्रामीण भारत की भूमिका बढ़ाएगी। इच्छुक उपभोक्ता तुरंत रजिस्टर करें- सूर्य की मुफ्त ऊर्जा अब आपके द्वार पर!
















