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सहारा में पैसा अटका है? तुरंत करें यह काम, 45 दिन में मिलेगा ₹10 लाख तक का रिफंड; जानें नया प्रोसेस

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देशभर के लाखों निवेशकों के लिए सहारा से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है। अब सहारा इंडिया के चारों सोसायटियों में फंसे पैसे निकालने की प्रक्रिया सरल और तेज हो गई है। निवेशक अब डिजिटल पोर्टल पर आवेदन करके एक बार में लगभग दस लाख रुपये तक का रिफंड क्लेम कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि होने पर लगभग 45 कार्यदिवस के भीतर यह राशि उनके बैंक खाते में जमा हो सकती है।

सहारा में पैसा अटका है? तुरंत करें यह काम, 45 दिन में मिलेगा ₹10 लाख तक का रिफंड; जानें नया प्रोसेस

पहले कैसी थी प्रक्रिया?

सहारा इंडिया पैरिवार, सहारा इंडिया फाइनेंशियल, सहारा इंडिया कमर्शियल और सहारा इंडिया हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन की तरफ से लाखों जमाकर्ताओं से जमा राशि ली गई थी, जो बाद में कानूनी और रेगुलेटरी जांच में फंस गई। इसके बाद देश की शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि लेगिटिमेट निवेशकों को उनकी जमा राशि पर रिफंड दिया जाए। इसके बाद एक केंद्रीय रिफंड पोर्टल लॉन्च किया गया, जहां पहले बस छोटे पैमाने पर टेस्ट रिफंड दिया जाता था, लेकिन अब इसे बड़े स्तर पर बढ़ा दिया गया है।

दस लाख तक का क्लेम कैसे करें?

अब निवेशक सरकारी रिफंड पोर्टल पर लॉग इन कर अपना नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें सहारा द्वारा जारी किए गए रसीद या कमिटमेंट नंबर, जमा पर लगी राशि, वर्ष और अन्य KYC जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होती है। आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड, बैंक पासबुक या खाता विवरण, सहारा रसीद और कार्य शर्तों से जुड़े कागजात शामिल हैं।

इन तमाम जानकारियों के बाद निवेशक अपनी जमा राशि के हिसाब से एक बार में अधिकतम दस लाख रुपये तक का रिफंड क्लेम सेट कर सकते हैं। सिस्टम आपको यह राशि दर्ज करने के लिए अलग से अनुमति देता है, बशर्ते आपके डॉक्यूमेंट इस रकम को साबित करते हों। क्लेम सबमिट करने के बाद आपको एक यूनिक क्लेम आईडी या रिफरेंस नंबर मिलता है, जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

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45 दिन में रिफंड की संभावना

सरकार की तरफ से निर्देश है कि नया या सुधारा हुआ क्लेम दर्ज होने के बाद दस्तावेजों की जांच पूरी होने पर लगभग 45 कार्यदिवस के भीतर राशि जमा होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यह समयसीमा उन निवेशकों पर लागू होती है जिनके पास सही KYC, आधार‑लिंक्ड बैंक खाता और वैध सहारा रसीद मौजूद है। यदि कोई दस्तावेज अधूरा है या बैंक डिटेल गलत है तो प्रक्रिया रुक सकती है और निवेशक को जानकारी सुधारने के लिए नया आवेदन करना पड़ सकता है।

ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें

निवेशकों को रिफंड लेने के लिए बस एक चीज का खास ध्यान रखना है कि वे केवल ऑफिशियल सरकारी रिफंड पोर्टल पर ही आवेदन करें। किसी भी अनजान वेबसाइट, एजेंट या व्हाट्सऐप ग्रुप पर भरोसा करने से बचना चाहिए। इस प्रक्रिया में आमतौर पर अलग से कोई फीस लेने की जरूरत नहीं है, इसलिए अगर कोई व्यक्ति अतिरिक्त शुल्क या त्वरित रिफंड के बदले रुपये मांगता है तो उसे संदेहास्पद मानें।

साथ ही, दस्तावेज फर्जी या बढ़ा‑चढ़ाकर दर्ज करने से बचना चाहिए। इससे न सिर्फ आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है बल्कि लीगल जोखिम भी बढ़ सकता है। दूसरी ओर, जो लोग पहले आवेदन करके असफल रहे थे, उन्हें अब नया अवसर मिला है कि वे जानकारी सुधारकर दोबारा क्लेम दर्ज कर सकते हैं। इस तरह सहारा निवेशकों के लिए यह नया नियम एक मौका है कि वे अपना जमा पैसा जल्द से जल्द वापस ले सकें और खासकर लंबे समय से ठप पड़ी राशि को घर लौटा सकें।

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info@ortpsa.in

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