
क्या आपका बैंक खाता अचानक बंद हो गया है? क्या आप लेनदेन नहीं कर पा रहे हैं? घबराएं नहीं, यह एक सामान्य प्रक्रिया है, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार, यदि किसी बचत या चालू खाते में लगातार दो वर्षों तक कोई लेनदेन (जमा या निकासी) नहीं होता है, तो बैंक उसे ‘इनऑपरेटिव’ या ‘डॉर्मेंट’ (Dormant) श्रेणी में डाल देते हैं।
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क्यों बंद होता है बैंक खाता?
आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले खातों को फ्रीज कर दिया जाता है ताकि उनके दुरुपयोग को रोका जा सके हालांकि, ऐसे खातों में जमा राशि पर ब्याज मिलना जारी रहता है।
घर बैठे ऐसे करें बैंक खाता रीएक्टिवेट
अब कई बैंक ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग के जरिए खाता दोबारा चालू करने की सुविधा दे रहे हैं:
- बैंक के मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग में लॉगिन करें।
- “Update KYC” या “Reactivate Account” विकल्प चुनें।
- जरूरी जानकारी अपडेट करें।
- OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
कुछ मामलों में एक छोटा ट्रांजैक्शन (जैसे ₹1-₹100) करना भी जरूरी हो सकता है।
बैंक शाखा कब जाना पड़ेगा?
अगर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तो आपको नजदीकी शाखा जाना पड़ सकता है:
- KYC अपडेट नहीं है
- सिग्नेचर मैच नहीं हो रहा
- लंबे समय से खाता बंद है
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
खाता दोबारा चालू कराने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।
- पते का प्रमाण: बिजली बिल, राशन कार्ड या आधार कार्ड।
- फोटोग्राफ: दो नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो।
- आवेदन पत्र: खाते को सक्रिय करने के लिए बैंक के नाम लिखा गया प्रार्थना पत्र।
आरबीआई के स्पष्ट निर्देश हैं कि निष्क्रिय खाते को फिर से सक्रिय करने के लिए बैंक ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क (Charge) नहीं वसूल सकते।
















