
RBI द्वारा महाराष्ट्र के द शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (The Shirpur Merchants’ Co-operative Bank Ltd.) का लाइसेंस रद्द करने के बाद जमाकर्ताओं में अपनी पूंजी को लेकर चिंता बढ़ गई है, अगर आपका पैसा भी इस बैंक में जमा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
Table of Contents
बड़ी खबर: RBI ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया है कि शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक के पास अब न तो पर्याप्त पूंजी बची है और न ही भविष्य में कमाई की कोई गुंजाइश दिख रही है। बैंक की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि वह अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ था। जनहित को ध्यान में रखते हुए, RBI ने 6 अप्रैल, 2026 से बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है।
ग्राहकों के लिए राहत: ₹5 लाख तक की गारंटी
बैंक का लाइसेंस रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पूरा पैसा डूब गया है जमाकर्ताओं के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है:
- DICGC बीमा कवर: डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) अधिनियम के तहत, हर जमाकर्ता को 5 लाख रुपये तक की जमा राशि पर बीमा कवर मिलता है।
- 99% से ज्यादा ग्राहक सुरक्षित: बैंक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 99.7% जमाकर्ता अपनी पूरी जमा राशि (₹5 लाख तक) वापस पाने के हकदार हैं।
- ₹5 लाख से ज्यादा वाले ग्राहक: जिन ग्राहकों के खाते में 5 लाख रुपये से अधिक की राशि है, उन्हें बीमा की सीमा तक (₹5 लाख) तुरंत भुगतान मिलेगा। शेष राशि बैंक की संपत्तियों की बिक्री और लिक्विडेशन प्रक्रिया के बाद ही मिल पाएगी।
अब आगे क्या होगा? पैसे कैसे मिलेंगे?
- लिक्विडेटर की नियुक्ति: RBI ने महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त से बैंक को बंद करने और एक ‘लिक्विडेटर’ (परिसमापक) नियुक्त करने को कहा है।
- दावा प्रक्रिया (Claim Process): नियुक्त लिक्विडेटर सभी पात्र जमाकर्ताओं की सूची तैयार करेगा इसके बाद DICGC बैंक के रिकॉर्ड के आधार पर दावों का निपटान करेगा।
- समय सीमा: आमतौर पर लिक्विडेटर द्वारा डेटा सौंपने के बाद, DICGC 2 से 3 महीने के भीतर क्लेम राशि जारी कर देता है।
- दस्तावेज तैयार रखें: जमाकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक से जुड़े अन्य केवाईसी दस्तावेज तैयार रखें।
अब यह बैंक किसी भी तरह का जमा स्वीकार नहीं कर सकता और न ही कोई भुगतान कर सकता है, जमाकर्ताओं को भुगतान की अगली प्रक्रिया के लिए लिक्विडेटर के आधिकारिक नोटिस का इंतजार करना होगा।
















