देशभर के करोड़ों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्ड पर निर्भर लोग अब सतर्क हो जाएं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 28 फरवरी तक सभी राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी। यदि यह समय सीमा पार हो गई, तो परिवार के सदस्यों के नाम कट सकते हैं और मुफ्त अनाज की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाएगी। यह कदम सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचे।

पंजाब जैसे राज्यों में जहां लाखों परिवार इस योजना पर निर्भर हैं, वहां जागरूकता अभियान तेज हो गया है। अमृतसर और आसपास के जिलों में राशन दुकानों पर लोग उमड़ रहे हैं। सरकारी महकमे का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता लाने का एक बड़ा प्रयास है। फर्जी नामों और अपात्र लोगों को सूची से हटाने से सिस्टम में विश्वास बढ़ेगा। अब केवल 6 दिन बचे हैं, इसलिए देरी न करें।
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ई-केवाईसी का महत्व समझें
ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर एक डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना है। इस तरह बायोमेट्रिक डेटा जैसे फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान से पुष्टि होती है। पहले कई जगहों पर मृतकों के नाम या डुप्लिकेट एंट्रीज से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा था। अब यह सिस्टम ऐसी गड़बड़ियों को जड़ से खत्म कर देगा।
परिणामस्वरूप, पात्र परिवारों को समय पर गेहूं, चावल और अन्य सामग्री मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी खजाने में भारी बचत होगी। हर 5 साल में यह अपडेट जरूरी होता है, और कई परिवारों ने इसे लंबे समय से नजरअंदाज किया था। अब मौका अंतिम है।
घर बैठे ऑनलाइन प्रक्रिया
सबसे आसान तरीका मोबाइल या कंप्यूटर से है। राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें। वहां राशन कार्ड नंबर और आधार विवरण दर्ज करें। रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे भरने पर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पूरा काम 5-10 मिनट में निपट जाता है। यदि परिवार में कई सदस्य हैं, तो सभी का अलग-अलग सत्यापन करें।
स्टेटस जांचने के लिए भी वही पोर्टल काम आएगा। बाहर रहने वाले लोग किसी भी राज्य की दुकान से यह करा सकते हैं। इंटरनेट न होने पर ऑफलाइन विकल्प चुनें।
ऑफलाइन तरीका क्या है?
नजदीकी राशन दुकान पर आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर पहुंचें। दुकानदार ई-पॉस मशीन से फिंगरप्रिंट या चेहरे का स्कैन लेगा। मेरा राशन ऐप डाउनलोड करके फेस रिकग्निशन से भी काम चल सकता है। ग्रामीण इलाकों में यह सबसे सुविधाजनक है। दुकानदार को सहयोग करने के निर्देश हैं, इसलिए कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पंजाबवासियों के लिए खास टिप्स
अमृतसर में स्थानीय खाद्य कार्यालयों पर हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं। पंजाब की वेबसाइट पर विशेष सेक्शन बना है। यदि आधार लिंक नहीं है, तो पहले उसे जोड़ लें। बुजुर्गों या बच्चों के लिए परिवार किसी सदस्य को भेज सकता है। जागरूकता के लिए राशन दुकानों पर पोस्टर लगे हैं।
यदि समस्या आए, तो टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। जल्दबाजी में गलती न करें, क्योंकि गलत विवरण से कार्ड ब्लॉक हो सकता है।
समय रहते कार्रवाई करें
यह बदलाव देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगा। करोड़ों गरीब परिवारों का भविष्य दांव पर है। 28 फरवरी के बाद रिकवरी प्रक्रिया जटिल हो जाएगी। इसलिए आज ही शुरू करें। परिवार और पड़ोसियों को भी बताएं। स्वस्थ और पारदर्शी सिस्टम से सबका भला होगा।
















