
भारत सरकार देश के करोड़ों किसानों और गरीब परिवारों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इनमें नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत मुफ्त या बेहद कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराना प्रमुख है। देश में आज भी लाखों परिवार ऐसे हैं जो दो वक्त की रोटी का जुगाड़ मुश्किल से कर पाते हैं। ऐसे जरूरतमंदों को सरकारी सहारा राशन कार्ड के रूप में मिलता है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही इसे हमेशा के लिए बंद करवा सकती है। हाल ही में लागू सख्त नियमों के तहत इनएक्टिव राशन कार्ड रद्द हो रहे हैं।
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राशन कार्ड: NFSA का आधारभूत दस्तावेज
राशन कार्ड NFSA का आधारभूत दस्तावेज है। इसके बिना 5 किलो गेहूं या चावल प्रति व्यक्ति मासिक मुफ्त अनाज का लाभ नहीं मिलता। सरकार ने पात्रता के सख्त मानदंड तय किए हैं- परिवार की वार्षिक आय, सदस्य संख्या और गरीबी रेखा से नीचे होना जरूरी। योग्यता पूरी करने वाले लोग स्थानीय खाद्य आपूर्ति कार्यालय या राज्य की आधिकारिक वेबसाइट जैसे nfsa.gov.in या tnpds.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, जनम प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं। प्रक्रिया पारदर्शी है, लेकिन दस्तावेज सही न होने पर कार्ड जारी नहीं होता।
कार्ड बंद होने की मुख्य गलतियां
समस्या तब आती है जब कार्ड बनने के बाद भी लोग नियमों का पालन नहीं करते। भारत भर में लाखों राशन कार्ड धारक हैं, लेकिन कईयों का कार्ड जरा सी गलती से बंद हो चुका है। सबसे बड़ी भूल- लंबे समय तक राशन दुकान से अनाज न लेना। सरकार के नए नियमों के अनुसार, अगर कोई परिवार 3-6 महीने तक लगातार राशन नहीं उठाता, तो कार्ड को ‘इनएक्टिव’ घोषित कर दिया जाता है।
जनवरी 2026 से यह नियम सख्ती से लागू हो गया है, खासकर राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में। ऊपर दी गई जानकारी के अनुसार, आधार लिंकिंग और e-KYC पूरा न करने पर भी कार्ड अमान्य हो जाता है। डुप्लीकेट कार्ड रखना या परिवार विवरण अपडेट न करना अन्य कारण हैं।
नियमों का उद्देश्य
NFSA के तहत पारदर्शिता बढ़ाने को यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत किया जा रहा है। PoS मशीनों पर बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होने से अब कोई बहाना नहीं चलेगा। अगर कार्ड बंद हो गया, तो दोबारा आवेदन प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती है- नए सर्वे, सत्यापन और वेटिंग पीरियड। फरवरी 2026 तक कई राज्यों में हजारों कार्ड रद्द हो चुके हैं। उदाहरणस्वरूप, राजस्थान में e-KYC न करने पर 15 किलो फ्री अनाज की योजना प्रभावित हो रही है, जबकि बिहार में तुरंत KYC की चेतावनी जारी है।
राशन कार्ड बचाने के उपाय
फिर क्या करें राशन कार्ड धारक? सबसे पहले आधार लिंकिंग चेक करें। nfsa.gov.in पर लॉगिन कर स्टेटस देखें और जरूरी हो तो अपडेट करें। नजदीकी राशन दुकान या CSC सेंटर पर e-KYC करवाएं- फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन से सत्यापन होता है। हर महीने कम से कम न्यूनतम राशन अवश्य लें, भले ही जरूरत न हो। परिवार में जन्म, मृत्यु या विवाह जैसी घटनाओं पर विवरण तुरंत अपडेट कराएं। डुप्लीकेट कार्ड मिले तो पुराना जमा करें। दिल्ली में आय सीमा 1.2 लाख तक बढ़ी है, लेकिन नियम वही सख्त हैं।
राज्यवार मुख्य बदलाव
| राज्य | मुख्य नियम बदलाव | समयसीमा |
|---|---|---|
| राजस्थान | e-KYC + 15 किलो अनाज | जनवरी 2026 |
| बिहार | KYC अनिवार्य, इनएक्टिव बंद | तुरंत |
| दिल्ली | आय सीमा बढ़ी, आधार लिंक | फरवरी 2026 |
सरकार का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद तक लाभ पहुंचाना है। लापरवाही से करोड़ों का सरकारी खजाना बर्बाद हो रहा था, अब सिस्टम डिजिटल हो गया है। सावधान रहें, अन्यथा मुफ्त अनाज का लाभ हाथ से निकल जाएगा। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय खाद्य विभाग या हेल्पलाइन 1967 पर संपर्क करें। समय रहते कार्रवाई करें, वरना पछतावा ही हाथ लगेगा।
















