
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है, भजनलाल सरकार (शिक्षा मंत्री मदन दिलावर) ने पूरे 10 साल बाद शैक्षणिक सत्र और छुट्टियों के कैलेंडर में बड़ा बदलाव किया है, जिससे प्रदेश के 70 हजार स्कूलों के लगभग 70 लाख विद्यार्थी प्रभावित होंगे।
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1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र
अब तक राजस्थान के सरकारी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 1 जुलाई से शुरु होता था, लेकिन अब इसे सीबीएसई (CBSE) की तर्ज पर 1 अप्रैल से शुरू करने का फैसला लिया गया है, विभाग का मानना है कि इस बदलाव से नामांकन में वृद्धि होगी और निजी स्कूलों से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।
गर्मियों की छुट्टियों का नया शेड्यूल
नए कैलेंडर के अनुसार, ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में कटौती की गई है:
- अवकाश की अवधि: अब छुट्टियां 16 मई से 20 जून तक रहेंगी (कुल 35-36 दिन)।
- पुराना नियम: पहले यह अवकाश 17 मई से 30 जून तक (45 दिन) होता था।
- स्कूल खुलने की तिथि: छुट्टियां खत्म होने के बाद 21 जून (अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस) से स्कूलों का नियमित संचालन फिर से शुरु हो जाएगा।
बदलाव के मुख्य कारण
- शिक्षण दिवसों में वृद्धि: पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाकर 214 दिन कर दी गई है।
- समय पर पाठ्यक्रम: सत्र जल्दी शुरू होने से शिक्षकों को पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने और छात्रों का पहला टेस्ट 15 मई तक संपन्न कराने का मौका मिलेगा।
- योग दिवस की तैयारी: 21 जून को स्कूल खुलने से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयां दूर होंगी।
शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं और 1 अप्रैल से ‘प्रवेशोत्सव’ अभियान के माध्यम से शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य रखा गया है।
















