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Train Ticket: ट्रेन छूटने का डर खत्म! अब चार्ट बनने तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, रेलवे का बड़ा तोहफा

भारतीय रेलवे ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम में बड़ा बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अब पहले चार्ट (10-20 घंटे पहले) की बजाय दूसरे चार्ट (ट्रेन छूटने से 15-30 मिनट पहले) तक चेंज संभव होगा। रेलवे बोर्ड ने 19 फरवरी 2026 को CRIS को पत्र भेजा। इससे लास्ट मिनट प्लान चेंज आसान, करोड़ों यात्रियों को राहत। CRIS रिपोर्ट के बाद लागू।

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Train Ticket: ट्रेन छूटने का डर खत्म! अब चार्ट बनने तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, रेलवे का बड़ा तोहफा

अगर आप भी ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों में से एक हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम में क्रांतिकारी बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अब रिजर्व्ड टिकट पर बोर्डिंग पॉइंट पहले चार्ट की बजाय दूसरे रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने तक बदला जा सकेगा। रेलवे बोर्ड के 19 फरवरी 2026 के लेटर के अनुसार, यह सुविधा लागू होने पर लास्ट मिनट प्लान चेंज करने वालों को ट्रेन छूटने का डर हमेशा के लिए अलविदा कहना पड़ेगा।​

मौजूदा नियमों की सख्ती

वर्तमान में IRCTC या रेलवे काउंटर पर बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा केवल ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से कम से कम 24 घंटे पहले उपलब्ध है। पहला रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर ट्रेन छूटने से 10-20 घंटे पहले तैयार हो जाता है, जिसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं। अगर यात्री मूल स्टेशन पर न चढ़े तो टीटीई उसे NTA (नॉट टर्न्ड अप) मार्क कर सकता है, जिससे सीट वेटिंग लिस्ट वाले को दे दी जाती है और टिकट कैंसल माना जाता है।

e-टिकट पर यह बदलाव सिर्फ एक बार ही किया जा सकता है, वो भी कन्फर्म या RAC टिकट पर। VIKALP, I-टिकट या करेंट बुकिंग पर यह लागू नहीं होता। गलत स्टेशन से चढ़ने पर मूल स्टेशन से नए स्टेशन तक का किराया और पेनल्टी देनी पड़ती है।

रेलवे बोर्ड का नया प्रस्ताव

रेलवे बोर्ड ने CRIS (सेंटर फॉर रेल इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स) को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव की तकनीकी जांच करने को कहा है। पहले चार्ट के नए समय को देखते हुए बोर्डिंग चेंज की डेडलाइन को दूसरे चार्ट तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। दूसरा चार्ट सामान्य ट्रेनों में प्रस्थान से 30-40 मिनट पहले और प्रीमियम ट्रेनों में महज 15 मिनट पहले बनता है। इससे यात्रियों को अंतिम समय में भी स्टेशन बदलने की छूट मिलेगी। CRIS की रिपोर्ट के बाद मार्च 2026 में इसे लागू किया जा सकता है। 2019 के कमर्शियल सर्कुलर (CC-17) को अपडेट करने वाला यह कदम यात्रियों की बढ़ती शिकायतों का जवाब है।

यात्रियों को क्या-क्या फायदे?

यह बदलाव रेल यात्रियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। अचानक प्लान चेंज, फैमिली इमरजेंसी या बिजनेस मीटिंग के कारण स्टेशन बदलना आसान हो जाएगा, बिना टिकट कैंसल किए। गैर-जरूरी कैंसिलेशन कम होंगे, जिससे रेलवे पर रिफंड का बोझ घटेगा और वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना बढ़ेगी। लास्ट मिनट कन्फ्यूजन से बचाव होगा, खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में जहां स्टेशन मिस होने का खतरा रहता है।

उदाहरण के लिए, दिल्ली से मुंबई जाने वाले यात्री अगर गाजियाबाद से चढ़ना चाहें तो अब ट्रेन छूटने के आधे घंटे पहले भी चेंज कर सकेंगे। इससे सफर टेंशन-फ्री और सुविधाजनक बनेगा।​

CRIS की भूमिका और भविष्य की उम्मीदें

CRIS, जो IRCTC और रेलवे के सॉफ्टवेयर सिस्टम संभालता है, को प्रस्ताव की फिजिबिलिटी चेक करने का निर्देश है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर IRCTC ऐप और वेबसाइट पर ऑनलाइन चेंज का अपडेट तुरंत आ जाएगा। रेलवे बोर्ड का यह कदम डिजिटल इंडिया के अनुरूप है, जहां पैसेंजर सेंटिक सुविधाएं प्राथमिकता हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सालाना लाखों कैंसिलेशन रुकेंगी। हालांकि, यात्रियों को सलाह है कि चेंज के बाद मूल स्टेशन पर न चढ़ें, वरना पेनल्टी का जोखिम रहेगा।

रेलवे के इस ‘बड़े तोहफे’ से करोड़ों यात्रियों को राहत मिलेगी। जैसे-जैसे अपडेट्स आएंगे, हम आपको सबसे पहले बताएंगे। सुरक्षित सफर करें!

Author
info@ortpsa.in

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