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Property Tax का नया फॉर्मूला! किसे देना होगा टैक्स और कैसे बचा सकते हैं पेनाल्टी? घर बैठे ऐसे करें अपनी संपत्ति का टैक्स कैलकुलेट

देश के विभिन्न नगर निकायों द्वारा संपत्ति कर (Property Tax) के नियमों और गणना के तरीकों में बड़े बदलाव किए गए हैं, अब प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्मार्ट प्लानिंग का हिस्सा बन गया है, अगर आप भी घर, दुकान या जमीन के मालिक हैं, तो आपके लिए 'यूनिट एरिया वैल्यू' (UAV) के नए फॉर्मूले को समझना बेहद जरूरी है

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Property Tax का नया फॉर्मूला! किसे देना होगा टैक्स और कैसे बचा सकते हैं पेनाल्टी? घर बैठे ऐसे करें अपनी संपत्ति का टैक्स कैलकुलेट
Property Tax का नया फॉर्मूला! किसे देना होगा टैक्स और कैसे बचा सकते हैं पेनाल्टी? घर बैठे ऐसे करें अपनी संपत्ति का टैक्स कैलकुलेट

देश के विभिन्न नगर निकायों द्वारा संपत्ति कर (Property Tax) के नियमों और गणना के तरीकों में बड़े बदलाव किए गए हैं, अब प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्मार्ट प्लानिंग का हिस्सा बन गया है, अगर आप भी घर, दुकान या जमीन के मालिक हैं, तो आपके लिए ‘यूनिट एरिया वैल्यू’ (UAV) के नए फॉर्मूले को समझना बेहद जरूरी है। 

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क्या है नया फॉर्मूला? अब ऐसे होगी गणना

नगर निगमों ने अब टैक्स गणना को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए Unit Area Value (UAV) सिस्टम को अपनाया है, इसके तहत अब टैक्स की राशि केवल घर के साइज पर नहीं, बल्कि इन कारकों पर निर्भर करेगी:

  • लोकेशन और बेस वैल्यू: आपके इलाके की सर्कल रेट या प्रति वर्ग फुट निर्धारित दर।
  • बिल्डिंग की उम्र: पुरानी इमारतों पर ‘एज फैक्टर’ के कारण टैक्स में राहत मिलेगी, जबकि नए कंस्ट्रक्शन पर अधिक टैक्स देना होगा।
  • उपयोग का प्रकार: अगर संपत्ति खुद के रहने (Self-occupied) के लिए है तो टैक्स कम होगा, लेकिन किराये (Rented) या कमर्शियल उपयोग पर दरें ज्यादा होंगी।

किसे देना होगा टैक्स और किन्हें मिलेगी छूट?

नियमों के मुताबिक, हर उस व्यक्ति को टैक्स देना अनिवार्य है जिसके नाम पर कोई अचल संपत्ति (आवासीय या व्यावसायिक) दर्ज है हालांकि, कुछ विशेष श्रेणियों को इसमें राहत दी गई है:

  • धार्मिक स्थलों और सरकारी संपत्तियों को अक्सर इस टैक्स से मुक्त रखा जाता है।
  • कई राज्यों में वरिष्ठ नागरिकों, महिला स्वामियों और पूर्व सैनिकों को विशेष रिबेट (छूट) का प्रावधान है। 

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पेनल्टी से बचने का ‘स्मार्ट तरीका’

देरी से टैक्स भरने पर 5% से लेकर 20% तक का भारी जुर्माना और मासिक ब्याज लग सकता है, इससे बचने के लिए एक्सपर्ट्स दो टिप्स देते हैं: 

  1. अर्ली बर्ड रिबेट: वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल-जून) में टैक्स जमा करने पर 5-15% तक की सीधी छूट का लाभ उठाएं।
  2. ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग: NagarSewa जैसे आधिकारिक पोर्टल्स पर जाकर समय सीमा से पहले भुगतान करें ताकि अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों और जुर्माने से बचा जा सके।

घर बैठे 2 मिनट में करें कैलकुलेट

अब आपको नगर निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने शहर की नगर निगम वेबसाइट पर जाकर ‘Property Tax Calculator’ का उपयोग कर सकते हैं। वहां आपको केवल अपना वार्ड नंबर, प्रॉपर्टी का कवर्ड एरिया और कंस्ट्रक्शन का साल दर्ज करना होगा। सिस्टम खुद-ब-खुद आपकी छूट और लागू दरों को जोड़कर टैक्स की सटीक राशि स्क्रीन पर दिखा देगा।

Property Tax
Author
info@ortpsa.in

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