
अगर आप शेयर बाजार के जोखिमों से बचकर एक सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली योजना की तलाश में हैं, तो भारतीय डाक विभाग की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकती है, फरवरी 2026 में भी यह योजना मध्यम अवधि के निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद मानी जा रही है।
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7.7% का दमदार रिटर्न
केंद्र सरकार ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के लिए NSC पर 7.7% की वार्षिक ब्याज दर को बरकरार रखा है, ब्याज की गणना सालाना आधार पर कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) तरीके से की जाती है, लेकिन इसका पूरा भुगतान 5 साल की मैच्योरिटी अवधि समाप्त होने पर ही किया जाता है।
टैक्स छूट और सुरक्षा का ‘डबल फायदा’
NSC में निवेश करने पर आपको दोहरे लाभ मिलते हैं:
- आयकर में छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत, निवेशक प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। खास बात यह है कि सालाना अर्जित ब्याज को भी पुनर्निवेशित (Re-invested) माना जाता है, जिससे उस पर भी 80C के तहत छूट मिलती है।
- सरकारी गारंटी: यह योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित है, जिसका अर्थ है कि आपका मूलधन और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह सुरक्षित है।
निवेश की शर्तें और पात्रता
- न्यूनतम निवेश: आप मात्र ₹1,000 से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
- अधिकतम निवेश: निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, आप अपनी सुविधा अनुसार कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं।
- अवधि: इस सर्टिफिकेट की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष है।
- कौन कर सकता है निवेश: कोई भी वयस्क भारतीय नागरिक, या 10 वर्ष से अधिक आयु का नाबालिग (अभिभावक की देखरेख में) खाता खुलवा सकता है।
अन्य महत्वपूर्ण विशेषताएं
- ऋण सुविधा: जरूरत पड़ने पर आप अपने NSC सर्टिफिकेट को बैंकों या वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखकर लोन भी ले सकते हैं।
- ट्रांसफर सुविधा: इसे एक डाकघर से दूसरे डाकघर में आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है।
- नॉमिनेशन: इसमें नॉमिनी (उत्तराधिकारी) नियुक्त करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
यदि आप एक फिक्स्ड इनकम और टैक्स बचत का संतुलित विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस की NSC योजना वर्तमान ब्याज दरों के साथ एक बेहतरीन निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा हो सकती है।
















