देशभर के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के तहत 2000 रुपये प्रति किसान होली से ठीक पहले उनके बैंक खातों में आ सकते हैं।
पिछले चार महीनों से चली आ रही प्रतीक्षा अब अंतिम पड़ाव पर है, क्योंकि फरवरी का अंत नजदीक आ चुका है। सरकारी स्तर पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की तैयारी जोरों पर है, ताकि त्योहार की खुशियों के साथ आर्थिक सहायता भी किसानों तक पहुंच जाए। यह राशि खेतीबाड़ी के मौसमी खर्चों जैसे बीज, खाद और मजूरी के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

Table of Contents
रिलीज की संभावित तारीखें और पैटर्न
योजना का चक्र हमेशा चार महीने का रहा है। पिछली 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई थी, इसलिए इस बार फरवरी के आखिरी सप्ताह या मार्च की शुरुआत में ट्रांसफर होने की पूरी उम्मीद है। कई संकेतों से लगता है कि 24 या 28 फरवरी जैसे दिन बड़े पैमाने पर भुगतान हो सकता है। होली का त्योहार मार्च में होने से सरकार इस बार समयबद्ध तरीके से पैसा भेजने पर कदम उठा रही है। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो किसान भाई त्योहार मनाने से पहले ही यह तोहफा पा लेंगे। हालांकि, अंतिम पुष्टि के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखना जरूरी है।
कौन पात्र किसान, क्या शर्तें पूरी करें
इस योजना से सालाना 6000 रुपये तीन बराबर किस्तों में मिलते हैं। लाभ लेने के लिए सबसे पहले आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य है। इसके अलावा e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है, जिसमें बायोमेट्रिक या OTP के जरिए सत्यापन होता है। जमीन के रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हो और खाता सक्रिय हो, यह भी देखा जाता है। जो किसान इन औपचारिकताओं को पूरा नहीं करते, उनकी किस्तें लंबित रह जाती हैं। पंजाब जैसे कृषि राज्य में लाखों किसान इन नियमों का पालन कर लाभ उठा रहे हैं। विशेष रूप से अमृतसर और लुधियाना के ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चल रहे हैं।
स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान भाई घर बैठे ही अपने खाते का स्टेटस जान सकते हैं। सबसे पहले pmkisan.gov.in की आधिकारिक साइट खोलें। वहां बेनिफिशियरी स्टेटस के विकल्प पर क्लिक करें। फिर आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन आईडी डालकर कैप्चा कोड भरें। कुछ ही सेकंड में पता चल जाएगा कि किस्त क्रेडिट हो चुकी है या पेंडिंग है। यदि कोई समस्या आए, तो हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर संपर्क करें। सामान्य सेवा केंद्रों पर भी सहायता उपलब्ध है। यह प्रक्रिया सरल होने से बुजुर्ग किसानों को भी आसानी होती है।
योजना का प्रभाव और भविष्य की उम्मीदें
2019 से शुरू हुई यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का मजबूत माध्यम बनी है। करोड़ों परिवारों को नियमित आय मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रफ्तार आई है। बजट 2026 में डिजिटल वेरिफिकेशन को और मजबूत करने की योजना है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। किसान इस राशि से फसल चक्र को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं। होली से पहले यह किस्त आने से बाजार में भी हलचल बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह कदम किसानों के हौसले को बढ़ाने वाला है। सभी से अपील है कि अपडेट रखें और जरूरी कदम उठाएं, ताकि कोई लाभ छूटे नहीं।
















