
नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026: ग्रामीण भारत को पक्के आशियाने का सपना साकार करने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)’ के तहत 2025-26 की नई लाभार्थी सूची आधिकारिक पोर्टल पर जारी हो चुकी है। यदि आपने अक्टूबर 2025 के आसपास आयोजित ‘आवास प्लस’ सर्वे में आवेदन किया था, तो अब घर बैठे अपने गांव की सूची में नाम चेक कर सकते हैं। यह सूची राज्यवार, जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर उपलब्ध है, जिसमें लाखों नए लाभार्थी शामिल हैं।
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योजना का परिचय और लक्ष्य
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह सूची SECC 2011 डेटा, ग्राम सभा सत्यापन और हालिया सर्वे पर आधारित है। दिल्ली जैसे शहरी-ग्रामीण सीमांत क्षेत्रों के निवासियों के लिए भी राज्य पोर्टल से जांच संभव है। कुल सहायता राशि मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये है, जिसमें MGNREGA मजदूरी सहायता भी जोड़ी जाती है। योजना का लक्ष्य 2024-29 तक 2 करोड़ नए पक्के घर बनाना है, और 2025-26 चक्र में तेजी आई है।
गांव की सूची में नाम कैसे चेक करें?
सूची देखना बेहद सरल है। आधिकारिक वेबसाइट https://pmayg.dord.gov.in/netiay/publicLogin.aspx पर जाएं। होमपेज पर ‘Awaassoft’ टैब में ‘Report’ विकल्प चुनें। फिर ‘Social Audit Reports’ सेक्शन के नीचे ‘Beneficiary Details for Verification’ पर क्लिक करें। ड्रॉपडाउन से अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत चुनें। योजना वर्ष ‘2025-2026’ और ‘Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin’ सिलेक्ट करें। कैप्चा भरकर ‘Submit’ दबाएं – पूरी गांव सूची स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
पंजीकरण स्टेटस ट्रैकिंग
यदि पंजीकरण संख्या उपलब्ध हो, तो ‘Stakeholders’ मेनू से सीधे स्टेटस ट्रैक करें। आधार या रजिस्ट्रेशन नंबर से e-KYC, जियो-टैगिंग और बैंक विवरण अपडेट जांचें। फरवरी 2026 में जिनका नाम छूटा, उनके लिए नया सर्वे और सत्यापन अभियान तेज किया गया है। स्थानीय पंचायत या BDO कार्यालय से सहायता लें।
पहली किस्त: समय, राशि और प्रक्रिया
पहली किस्ट (40,000 से 60,000 रुपये) स्वीकृति के बाद DBT से सीधे खाते में आती है। इसके लिए FTO (Funds Transfer Order) वेरिफिकेशन, आधार-बैंक लिंकिंग, e-KYC और जियो-टैगिंग अनिवार्य है। जनवरी 2026 से कई राज्यों में वितरण शुरू हो चुका, लेकिन राज्यवार भिन्नता है। पंचायत स्तर पर ‘Sanction Order’ जारी होने पर 7-15 दिनों में पैसा ट्रांसफर होता है। कुल तीन किस्तों में राशि वितरित होती है।
देरी के समाधान और सरकारी पहल
यदि देरी हो, तो सर्वे अपडेट या वेरिफिकेशन पूरा करें। सरकार ने फरवरी 2026 में विशेष ड्राइव चलाई है, जिसमें छूटे लाभार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल ट्रैकिंग से पारदर्शिता बढ़ी है, लेकिन ग्रामीणों को जागरूकता की जरूरत।
पात्रता मानदंड और योजना की सफलता
पात्र वे ग्रामीण गरीब परिवार जिनके पास पक्का घर न हो। EWS/Rural Poor श्रेणी पर फोकस। नया अपडेट: मिस्ड लाभार्थियों के लिए फरवरी सर्वे। लाभ: पक्का घर, बिजली, पानी कनेक्शन। सफलता: 4 करोड़+ घर पूर्ण। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही। नाम चेक करें, किस्त का इंतजार न करें! अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक साइट या हेल्पलाइन 11-99 पर संपर्क।
















