
एक तरफ जहां लोग भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ निजी तेल कंपनियों ने तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर आम आदमी की जेब पर ‘महंगाई का बम’ फोड़ दिया है, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शेल (Shell) और नायरा (Nayara) जैसी निजी पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि की है।
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शेल और नायरा के पंपों पर मची खलबली
ताजा अपडेट के अनुसार, निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी शेल इंडिया (Shell India) ने पेट्रोल की कीमतों में ₹7.41 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड ₹25.01 प्रति लीटर तक का इजाफा किया है, इस बढ़ोतरी के बाद शेल के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के बीच हड़कंप मच गया है वहीं, नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल पर ₹5 और डीजल पर ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।
प्रमुख शहरों में नए रेट (बेंगलुरु का हाल)
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शेल के पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू हो गई हैं:
- सामान्य पेट्रोल: ₹119.85 प्रति लीटर (पहले से ₹7.41 महंगा)
- प्रीमियम (Power) पेट्रोल: ₹129.85 प्रति लीटर
- सामान्य डीजल: ₹123.52 प्रति लीटर (₹25.01 की भारी बढ़ोतरी)
- प्रीमियम डीजल: ₹133.52 प्रति लीटर
क्यों बढ़ीं कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Brent Crude) 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, चूंकि निजी कंपनियों को सरकारी कंपनियों की तरह घाटे की भरपाई के लिए सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती, इसलिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप कीमतों में बदलाव किया है।
सरकारी पंपों पर क्या है स्थिति?
राहत की बात यह है कि IOCL, BPCL और HPCL जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, हालांकि, इंडियन ऑयल (IOCL) ने अपने प्रीमियम पेट्रोल (XP95) की कीमतों में करीब ₹2 प्रति लीटर की मामूली बढ़ोतरी की है।
निजी पंपों पर कीमतों में आए इस भारी अंतर की वजह से अब सरकारी पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में सरकारी कंपनियां भी कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।
















