
भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेश का सैलाब उमड़ पड़ा है, मार्च 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मोर्चे पर कुछ खास स्कीमों ने बाजार में अपना दबदबा कायम कर रखा है, अगर आप भी म्यूचुअल फंड निवेशक हैं, तो यह जानना आपके लिए जरूरी है कि देश के करोड़ों निवेशकों ने किन फंड्स पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है।
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इन 10 स्कीमों का बाजार में जलवा
निवेश की रकम (AUM) के लिहाज से वर्तमान में ये भारत की टॉप 10 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं:
- Parag Parikh Flexi Cap Fund: ₹1,25,800 करोड़ से अधिक के एसेट के साथ यह इक्विटी श्रेणी में दिग्गज बनकर उभरा है।
- HDFC Balanced Advantage Fund: बैलेंस्ड कैटेगरी में यह निवेशकों की पुरानी और भरोसेमंद पसंद बनी हुई है।
- ICICI Prudential Bluechip Fund: लार्ज-कैप सेगमेंट में ₹76,646 करोड़ से ज्यादा के निवेश के साथ यह टॉप पर है।
- HDFC Mid-Cap Opportunities Fund: मिड-कैप श्रेणी के निवेशकों ने इस स्कीम पर सबसे ज्यादा दांव लगाया है।
- SBI Equity Hybrid Fund: हाइब्रिड फंड्स की दुनिया में एसबीआई की यह स्कीम सबसे लोकप्रिय है।
- Nippon India Small Cap Fund: छोटे निवेशकों और स्मॉल-कैप प्रेमियों की पहली पसंद यह फंड बना हुआ है।
- HDFC Flexi Cap Fund: एचडीएफसी की यह फ्लेक्सी-कैप स्कीम लगातार एसेट जुटाने में सफल रही है।
- Kotak Flexicap Fund: पोर्टफोलियो की स्थिरता के लिए निवेशकों ने कोटक की इस स्कीम को चुना है।
- SBI Contra Fund: हालिया शानदार प्रदर्शन के दम पर इस फंड के AUM में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
- ICICI Prudential Balanced Advantage Fund: डायनामिक एसेट एलोकेशन के मामले में यह स्कीम टॉप-10 की लिस्ट में जगह बनाने में सफल रही है।
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इन AMC का रहा दबदबा
फंड हाउस (AMC) की बात करें तो SBI Mutual Fund ₹12.07 लाख करोड़ के कुल AUM के साथ नंबर-1 पर काबिज है, इसके बाद ICICI Prudential (₹10.60 लाख करोड़) और HDFC Mutual Fund (₹8.93 लाख करोड़) का स्थान आता है। Nippon India भी ₹6.63 लाख करोड़ के साथ मजबूती से चौथे स्थान पर है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार जानकारों का मानना है कि बढ़ते AUM से पता चलता है कि भारतीय निवेशक अब पारंपरिक बचत के बजाय म्यूचुअल फंड्स की ओर रुख कर रहे हैं, हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल फंड का आकार (AUM) देखकर निवेश न करें, बल्कि अपने रिस्क प्रोफाइल और फाइनेंशियल गोल्स का भी ध्यान रखें।
















