
आयकर विभाग ने स्थायी खाता संख्या (PAN) को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है, वर्तमान नियमों के अनुसार, जो नागरिक इस प्रक्रिया को पूरा करने में देरी कर रहे हैं, उन्हें ₹1,000 का विलंब शुल्क (Penalty) देना होगा, यह जुर्माना आयकर अधिनियम की धारा 234H के तहत लगाया जा रहा है।
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क्यों लग रहा है ₹1,000 का जुर्माना?
सरकार ने पहले पैन-आधार लिंक करने के लिए पर्याप्त समय और मुफ्त अवसर प्रदान किए थे, मुफ्त लिंकिंग की शुरुआती समय सीमा समाप्त होने के बाद, विभाग ने विलंब शुल्क लागू कर दिया है।
- नियम: 1 जुलाई, 2023 से ही ₹1,000 का जुर्माना अनिवार्य कर दिया गया था।
- नई डेडलाइन: जिन लोगों ने 1 अक्टूबर 2024 से पहले अपना पैन बनवाया था, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक इसे लिंक करना अनिवार्य है।
लिंक न करने पर क्या होंगे नुकसान?
यदि आप निर्धारित समय सीमा तक लिंकिंग पूरी नहीं करते हैं, तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inoperative) घोषित कर दिया जाएगा, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:
- आप अपना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल नहीं कर पाएंगे।
- लंबित टैक्स रिफंड अटक जाएंगे।
- बैंक खाता खोलने और बड़े वित्तीय लेनदेन में रुकावट आएगी।
- TDS और TCS की कटौती उच्च दरों पर की जाएगी।
किसे मिली है इस नियम से छूट?
आयकर विभाग ने कुछ श्रेणियों को इस अनिवार्य लिंकिंग से बाहर रखा है:
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक।
- अनिवासी भारतीय (NRIs)।
- असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय के निवासी।
- वे लोग जो भारत के नागरिक नहीं हैं।
कैसे करें लिंक?
करदाता आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर “Link Aadhaar” विकल्प के माध्यम से जुर्माना भरकर स्टेटस अपडेट कर सकते हैं, भुगतान के बाद पैन को पुनः सक्रिय होने में आमतौर पर 7 से 30 दिनों का समय लगता है।
















