
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR), जिसे ‘नए नोएडा’ के नाम से जाना जा रहा है, के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में किसानों के लिए मुआवजे की नई दरों को मंजूरी दे दी गई है, अब किसानों को अपनी जमीन के बदले ₹4,300 प्रति वर्ग मीटर का रिकॉर्ड मुआवजा मिलेगा, जो यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) की मौजूदा दरों के बराबर है।
Table of Contents
80 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
नए नोएडा को बसाने के लिए कुल 80 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, इसमें बुलंदशहर जिले के 60 गांव और गौतम बुद्ध नगर (ग्रेटर नोएडा) के 20 गांव शामिल हैं प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण के पहले चरण के लिए ₹800 करोड़ का भारी-भरकम बजट आरक्षित किया है।
मुख्य जानकारी: मुआवजे और अधिग्रहण का ब्लूप्रिंट
जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़ी प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
- मुआवजा दर: किसानों को ₹4,300 प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान किया जाएगा।
- लैंड पूलिंग नीति: प्राधिकरण लैंड पूलिंग नीति को प्राथमिकता देगा इसके तहत किसानों को अधिग्रहित जमीन का 25% हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस दिया जाएगा, जबकि शेष 75% जमीन का उपयोग औद्योगिक और विकास कार्यों के लिए होगा।
- अधिग्रहण का मॉडल: जमीन का अधिग्रहण ‘हाइब्रिड मॉडल’ (सीधी खरीद और आपसी सहमति) के आधार पर किया जाएगा।
- रोजगार के अवसर: मुआवजे के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को क्षेत्र में आने वाली कंपनियों में रोजगार देने की योजना पर भी विचार किया गया है।
चार चरणों में बसेगा नया नोएडा
नया नोएडा कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगा। इसके मास्टर प्लान-2041 को चार प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है:
- प्रथम चरण (2023-2027): 3,165 हेक्टेयर जमीन का विकास।
- द्वितीय चरण (2027-2032): 3,798 हेक्टेयर जमीन का विकास।
- तृतीय चरण (2032-2037): 5,908 हेक्टेयर जमीन का विकास।
- चतुर्थ चरण (2037-2041): 8,230 हेक्टेयर जमीन का विकास।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही एक नया कार्यालय खोला जाएगा और विशेष स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
















