
केंद्र सरकार सोशल मीडिया पर लगाम कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है,अगर आप भी फेसबुक, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम पर खबरें शेयर करते हैं, तो अब आपको सावधान रहने की जरूरत है, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IT Rules 2021 में संशोधन के लिए एक नया ड्राफ्ट पेश किया है, जिसका सीधा असर आम यूजर्स और इन्फ्लुएंसर्स पर पड़ेगा।
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आम यूजर्स भी अब नियमों के दायरे में
अब तक आईटी नियम मुख्य रूप से बड़े न्यूज पोर्टल्स और प्लेटफॉर्म्स पर लागू होते थे। लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार, इंडिविजुअल यूजर्स और इन्फ्लुएंसर्स जो समाचार या समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करते हैं, उन्हें भी प्रकाशक (Publishers) की श्रेणी में माना जा सकता है। इसका मतलब है कि गलत खबर शेयर करने पर आप पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
कंटेंट हटाने की समय सीमा हुई बेहद कम
फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी (Misinformation) को रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पहले किसी आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने के लिए प्लेटफॉर्म्स के पास 36 घंटे का समय होता था, जिसे अब घटाकर मात्र 3 घंटे करने का प्रस्ताव है। कुछ विशेष मामलों में सरकार इसे 1 घंटे तक भी सीमित कर सकती है।
AI और डीपफेक पर कड़ा पहरा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने वीडियो और डीपफेक के बढ़ते खतरों को देखते हुए, अब ऐसे कंटेंट पर डिस्क्लेमर या वॉटरमार्क लगाना अनिवार्य होगा। यदि कोई यूजर बिना लेबल के AI जनरेटेड कंटेंट शेयर करता है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
सीधा नोटिस और जवाबदेही
नए नियमों के तहत, सरकार अब केवल सोशल मीडिया कंपनियों को ही नहीं, बल्कि सीधे व्यक्तिगत यूजर्स को भी विवादित कंटेंट हटाने का नोटिस भेज सकेगी इसके अलावा, फेक आईडी को रोकने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए KYC अनिवार्य करने पर भी विचार किया जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा और सिम कार्ड लिंक
16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पैरेंटल कंट्रोल अनिवार्य होगा साथ ही, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के लिए नियम बनाया गया है कि वे तभी काम करेंगे जब उनमें एक्टिव सिम कार्ड मौजूद हो सिम निकालते ही ऐप का एक्सेस बंद हो जाएगा।
















