
सरकार और SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन SEBI म्यूचुअल फंड रेगुलेशंस 2026 से पारदर्शिता बढ़ेगी, खर्च घटेगा और रिटर्न सुधरेगा। छोटे SIP निवेशक, रिटायर्ड लोग और सीनियर सिटीजन्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा। पहले मनमाने TER और ब्रोकरेज से निवेशक परेशान थे, अब सिस्टम निवेशक-फ्रेंडली बनेगा।
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कम Expense Ratio
SEBI ने TER ढांचे में क्रांति ला दी है। अब फंड हाउस मनमाने खर्च नहीं जोड़ सकेंगे- बेस एक्सपेंस रेशियो (BER) अलग दिखेगा, GST/टैक्स ट्रांसपेरेंट होंगे। परफॉर्मेंस-लिंक्ड फीस से फंड मैनेजर बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न दें तो ज्यादा कमाएं, वरना कम। इससे इंडेक्स, ETF और डेट फंड्स 20-30% सस्ते हो जाएंगे। लॉन्ग-टर्म SIP वालों का कंपाउंडिंग बेनिफिट दोगुना होगा।
रिटायर्डर्स को SWP में बड़ी राहत
सीस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) अब सुपर-सरल। रिटायर्ड और सीनियर सिटीजन्स को बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं- डीमैट होल्डर्स डिपॉजिटरी से यूनिट-बेस्ड प्लान सेटअप कर सकेंगे। STP/SWP प्रक्रिया डिजिटल, PoA जटिलताएं खत्म। इससे नियमित आय आसान, टैक्स कैलकुलेशन ट्रांसपेरेंट। लिक्विड फंड्स अपवाद रहेंगे, लेकिन ओवरनाइट फंड्स में रविवार NAV सामान्य।
ब्रोकरेज कैप कट
ब्रोकरेज लिमिट इक्विटी में 12 bps से घटकर 6 bps (0.06%), डेट में 0.02%। इससे चर्निंग (बार-बार खरीद-बिक्री) रुकेगा, लेनदेन कॉस्ट 30-50% कम। निवेशक के रिटर्न में सीधा इजाफा- खासकर एक्टिव ट्रेडर्स और हाई-वॉल्यूम SIP वालों को। वितरकों को B-30 शहरों/महिलाओं लाने पर एक्स्ट्रा इंसेंटिव (1% लंपसम या ₹2000 SIP), ग्रामीण पेनेट्रेशन बढ़ेगा।
सिंगल डिक्लेरेशन और टैक्स राहत
नया सिंगल डिक्लेरेशन फॉर्म से सभी MF यूनिट्स, डिविडेंड, बॉन्ड्स पर टैक्स न काटने की एक घोषणा काफी। बजट 2026 में LTCG टैक्स 12.5% स्थिर, ₹1.25 लाख छूट बरकरार। इससे पेपरवर्क 80% कम, कंप्लायंस आसान। AMFI की वेबसाइट पर डिटेल्स चेक करें।
| बदलाव | फायदा किसे | प्रभावी तारीख |
|---|---|---|
| TER/फीस ट्रांसपेरेंसी | सभी SIP निवेशक | 1 अप्रैल 2026 |
| SWP सरलीकरण | रिटायर्ड/सीनियर्स | 1 फरवरी 2026 |
| ब्रोकरेज कटौती | ट्रेडर्स/SIP | तत्काल |
| सिंगल डिक्लेरेशन | डीमैट होल्डर्स | 1 अप्रैल 2026 |
किसे मिलेगी सबसे ज्यादा राहत
- छोटे निवेशक/SIP: कम TER से सालाना ₹5,000-10,000 बचत।
- रिटायर्ड: SWP से मासिक आय बिना झंझट।
- ग्रामीण/महिलाएं: वितरक इंसेंटिव से बेहतर एडवाइज।
- लॉन्ग-टर्म: कंपाउंडिंग से 10-15% एक्स्ट्रा रिटर्न।
ये बदलाव MF उद्योग को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर ले आएंगे। निवेश से पहले BER चेक करें, सर्टिफाइड एडवाइजर से सलाह लें। SEBI का ये कदम 10 करोड़+ निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने वाला है- अभी से प्लानिंग शुरू करें!
















