
देश के अन्नदाताओं की आय बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से मुक्त करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) के गठजोड़ से अब किसानों को ₹5 लाख तक की कीमत वाले सोलर पंप पर 90% की भारी सब्सिडी दी जा रही है, इसका सीधा मतलब है कि जो पंप बाजार में लाखों का मिलता है, वह किसानों को महज ₹50,000 के शुरुआती अंशदान पर मिल सकेगा।
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डीजल और बिजली के बिल से मिलेगा छुटकारा
खेती में सिंचाई के लिए बिजली की कमी और महंगे डीजल से परेशान किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर लागत का 90% हिस्सा खुद वहन कर रही हैं, इस योजना के तहत किसानों को 1 HP से लेकर 7.5 HP तक के सरफेस और सबमर्सिबल सोलर पंप दिए जा रहे हैं।
राज्यवार मिल रहा है बंपर लाभ
- मध्य प्रदेश: यहाँ ‘मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना’ के जरिए 32 लाख किसानों को लाभान्वित करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। cmsolarpump.mp.gov.in पर पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।
- उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 40,000 नए सोलर पंपों का लक्ष्य रखा है, इच्छुक किसान UPNEDA के पोर्टल पर जाकर अपना टोकन जनरेट कर सकते हैं।
- महाराष्ट्र: यहाँ के दूरदराज इलाकों में किसानों को 90 से 95 फीसदी तक की छूट दी जा रही है ताकि सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता और शर्तें)
योजना का प्राथमिक लाभ उन किसानों को दिया जाएगा जिनके पास सिंचाई के लिए स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं है, इसके अलावा, जो किसान वर्तमान में डीजल इंजन पर निर्भर हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास निम्नलिखित कागजात होने अनिवार्य हैं:
- भूमि रिकॉर्ड: खसरा, खतौनी या बी-1 की कॉपी।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक)।
- बैंक खाता: सब्सिडी और लेन-देन के लिए बैंक पासबुक।
- फोटो: पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटो।
जल्द करें आवेदन, मौका हाथ से न जाए
विभिन्न राज्यों में आवेदन की प्रक्रिया ‘पहले आओ-पहले पाओ’ या लॉटरी सिस्टम के आधार पर होती है, विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाकर जल्द से जल्द अपनी फाइल जमा करें, आवेदन के दौरान कुछ राज्यों में मामूली पंजीकरण शुल्क भी जमा करना पड़ सकता है।
















