
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा सिम कार्ड डीएक्टिवेशन और स्पैम नियंत्रण को लेकर प्रस्तावित नए नियमों ने टेलीकॉम सेक्टर में हलचल पैदा कर दी है, रिलायंस जियो (Jio) और एयरटेल (Airtel) जैसी दिग्गज कंपनियों ने इन बदलावों पर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
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बड़ी खबर: सिम बंद होने के नियमों में बदलाव
TRAI के नए प्रस्तावों के अनुसार, अब किसी भी सिम को बिना रिचार्ज के तुरंत बंद नहीं किया जा सकेगा। मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं:
- 90 दिनों की वैधता: कोई भी सिम कार्ड बिना रिचार्ज के कम से कम 90 दिनों तक सक्रिय रहेगा।
- ₹20 का ऑटो-रिन्यूअल नियम: यदि 90 दिनों के बाद आपके बैलेंस में ₹20 या उससे अधिक हैं, तो कंपनी ₹20 काटकर उसे अगले 30 दिनों के लिए सक्रिय रखेगी।
- नंबरों का पुन: उपयोग: सिम बंद होने के बाद उसे कम से कम 90 दिनों (और सरेंडर होने पर 180 दिनों) तक किसी अन्य यूजर को आवंटित नहीं किया जा सकेगा।
- स्पैम पर AI की नजर: AI फिल्टर यदि किसी नंबर को 10 दिनों तक स्पैम के रूप में पहचानते हैं, तो उसे बिना किसी शिकायत के बंद किया जा सकता है।
जियो-एयरटेल की आपत्ति: क्यों मचा है घमासान?
टेलीकॉम ऑपरेटरों ने विशेष रूप से AI आधारित ऑटोमैटिक डिस्कनेक्शन पर अपनी चिंता जताई है:
- गलत डीएक्टिवेशन का डर: कंपनियों का तर्क है कि AI की गलती से वैध ग्राहकों के नंबर भी बंद हो सकते हैं, जिससे अनावश्यक परेशानी होगी।
- संसाधनों की बर्बादी: नंबरों को लंबे समय तक खाली रखने से नए ग्राहकों के लिए संसाधनों की कमी हो सकती है।
- वित्तीय प्रभाव: ₹20 में सिम सक्रिय रखने का नियम कंपनियों के प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) को प्रभावित कर सकता है।
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यूजर्स पर क्या होगा असर?
- सेकेंडरी सिम वालों को राहत: अब केवल ₹20 के बैलेंस से आप अपना दूसरा नंबर चालू रख पाएंगे, महंगे मंथली रिचार्ज की जरूरत कम होगी।
- सुरक्षा में इजाफा: फरवरी 2026 से ‘सिम बाइंडिंग’ नियम लागू होने की संभावना है, जिससे सिम निकालते ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स काम करना बंद कर देंगे।
- धोखाधड़ी पर लगाम: कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) के जरिए अब अनजान नंबरों पर भी कॉलर का असली नाम दिखाई देगा।
















