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गैस सिलेंडर या पाइपलाइन (PNG): किसमें होती है ज्यादा बचत? यहाँ समझें खर्च का पूरा गणित और अपनी जेब का बोझ करें कम

बढ़ती महंगाई के इस दौर में घर का बजट मैनेज करना किसी चुनौती से कम नहीं है, रसोई का खर्च इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाता है, ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच अक्सर यह बहस छिड़ती है कि पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलेंडर सस्ता है या घर-घर पहुँच रही पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन

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गैस सिलेंडर या पाइपलाइन (PNG): किसमें होती है ज्यादा बचत? यहाँ समझें खर्च का पूरा गणित और अपनी जेब का बोझ करें कम
गैस सिलेंडर या पाइपलाइन (PNG): किसमें होती है ज्यादा बचत? यहाँ समझें खर्च का पूरा गणित और अपनी जेब का बोझ करें कम

बढ़ती महंगाई के इस दौर में घर का बजट मैनेज करना किसी चुनौती से कम नहीं है, रसोई का खर्च इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाता है, ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच अक्सर यह बहस छिड़ती है कि पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलेंडर सस्ता है या घर-घर पहुँच रही पीएनजी (PNG) गैस पाइपलाइन?

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खर्च का गणित: आंकड़ों की जुबानी

अगर हम कीमतों की तुलना करें, तो शुरुआती नजर में पीएनजी (Piped Natural Gas) बाजी मारती दिखती है।

  • कीमतों का अंतर: जहाँ एक 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर आज ₹800 से ₹1100 के बीच (शहरानुसार) मिल रहा है, वहीं पीएनजी की दरें औसतन ₹45 से ₹55 प्रति मानक घन मीटर (SCM) हैं।
  • ऊर्जा दक्षता: विशेषज्ञों के अनुसार, एक मानक सिलेंडर लगभग 15-16 SCM पीएनजी के बराबर ऊर्जा देता है, गणना की जाए तो पीएनजी के इस्तेमाल से महीने के बिल में 10% से 15% तक की सीधी बचत देखी जा सकती है।

सुविधा और सुरक्षा: क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

सिर्फ पैसा ही नहीं, सुविधा के मामले में भी दोनों के अपने नफा-नुकसान हैं:

  • पीएनजी में आपको सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग की चिंता नहीं करनी पड़ती। यह 24 घंटे नल के पानी की तरह उपलब्ध रहती है। वहीं, सिलेंडर के साथ डिलीवरी का इंतजार और भारी वजन उठाने की मशक्कत जुड़ी होती है।
  •  सुरक्षा के लिहाज से पीएनजी को अधिक सुरक्षित माना जाता है, चूँकि यह हवा से हल्की होती है, रिसाव होने पर यह तुरंत वातावरण में घुल जाती है। इसके विपरीत, एलपीजी हवा से भारी होने के कारण जमीन पर जमा हो जाती है, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
  • एलपीजी के लिए आपको एडवांस में भुगतान करना पड़ता है, जबकि पीएनजी ‘पे-पर-यूज़’ मॉडल पर चलती है, जितना आप इस्तेमाल करेंगे, महीने के अंत में उतना ही बिल आएगा। 

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शुरुआती निवेश: एक महत्वपूर्ण बिंदु

पीएनजी का सबसे बड़ा ‘ड्रॉबैक’ इसका शुरुआती कनेक्शन चार्ज है। नया कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को ₹5000 से ₹7000 तक का वन-टाइम शुल्क देना पड़ सकता है, हालांकि, कई गैस कंपनियां अब इसे आसान किस्तों (EMIs) में चुकाने की सुविधा भी दे रही हैं।

अंतिम फैसला: आपके लिए क्या है सही?

अगर आप किसी ऐसे शहर या सोसाइटी में रहते हैं जहाँ पीएनजी बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, तो लंबी अवधि में यह आपके लिए सस्ता और सुरक्षित सौदा साबित होगा, लेकिन, यदि आपका काम बार-बार शहर बदलने का है, तो एलपीजी की पोर्टेबिलिटी आपके लिए अधिक सुविधाजनक है।

LPG Gas Cylinder
Author
info@ortpsa.in

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