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Jan Aushadhi: अपना खुद का ‘जन औषधि केंद्र’ खोलें; मार्च से शुरू हो रहे हैं नए आवेदन, सरकार देगी ₹5 लाख तक का फर्नीचर और स्टॉक।

मार्च से नए आवेदन शुरू। फर्नीचर और दवाओं का स्टॉक फ्री मिलेगा। कम लागत में बड़ा धंधा शुरू करो, लाखों कमाओ। अभी अप्लाई करो!

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आम आदमी की जेब पर बोझ कम करने वाली जन औषधि योजना अब उद्यमियों के लिए स्वर्णिम अवसर बन रही है। मार्च 2026 से देशभर में नए केंद्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सरकार फर्नीचर, स्टॉक और अन्य जरूरी सामान पर पांच लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देगी। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के साथ रोजगार के नए द्वार खोलेगा।

Jan Aushadhi: अपना खुद का 'जन औषधि केंद्र' खोलें; मार्च से शुरू हो रहे हैं नए आवेदन, सरकार देगी ₹5 लाख तक का फर्नीचर और स्टॉक।

योजना का उद्देश्य और विस्तार

प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना गरीबों को ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50 से 90 फीसद सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराती है। वर्तमान में पूरे देश में करीब 18 हजार केंद्र चल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले साल तक इसे 25 हजार तक ले जाना है। इन केंद्रों पर दवाओं के अलावा सर्जिकल सामान, न्यूट्रास्यूटिकल्स और आयुर्वेदिक उत्पाद भी मिलते हैं। पंजाब जैसे राज्यों में सैकड़ों केंद्र सफलता की मिसाल पेश कर रहे हैं। योजना ने अब तक अरबों रुपये की बचत सुनिश्चित की है।

कौन खोल सकता है केंद्र?


फार्मेसी या मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग आसानी से आवेदन कर सकते हैं। डी फार्मा या बी फार्मा डिग्री वाले फार्मासिस्ट, रजिस्टर्ड डॉक्टर, नर्सिंग होम, एनजीओ या ट्रस्ट इसके लिए पात्र हैं। न्यूनतम 120 वर्ग फुट जगह होना अनिवार्य है, चाहे वह किराए की हो या खुद की। विशेष श्रेणी में पूर्व सैनिक, दिव्यांग और एससी-एसटी वर्ग को प्राथमिकता मिलेगी। आवेदन शुल्क महज पांच हजार रुपये रखा गया है।

जरूरी कागजात और तैयारी

आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, फार्मासिस्ट पंजीकरण प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, दुकान का किराया समझौता और निवास प्रमाण पत्र जमा करने पड़ेंगे। कुछ पासपोर्ट साइज फोटो भी लगेंगी। इन कागजातों को ऑनलाइन अपलोड करना होगा। प्रक्रिया सरल रखी गई है ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।

सरकार की उदार सहायता

उद्यमियों को शुरूआती खर्च से राहत देने के लिए खास पैकेज तैयार किया गया है। फर्नीचर खरीदने पर डेढ़ लाख, कंप्यूटर और प्रिंटर पर 50 हजार रुपये की मदद मिलेगी। पहाड़ी इलाकों, पूर्वोत्तर राज्यों या पिछड़े जिलों में दो लाख तक का एकमुश्त लाभ संभव है। दवाओं पर 20 फीसद मार्जिन के साथ मासिक खरीद पर 15 फीसद नकद प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। ट्रेनिंग और प्रारंभिक स्टॉक मुफ्त उपलब्ध होगा। कुल सहायता पांच लाख तक पहुंच सकती है।

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आवेदन की आसान प्रक्रिया

सरकारी वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म भरें, कागजात अपलोड करें और शुल्क जमा कर दें। सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलेगी। फिर ट्रेनिंग लेकर केंद्र चला सकते हैं। मार्च से खुलने वाली यह विंडो सीमित समय के लिए होगी, इसलिए तैयारी पहले से रखें।

कमाई और सामाजिक योगदान

एक सक्रिय केंद्र से मासिक 50 हजार से दो लाख तक आय हो सकती है। यह न सिर्फ कारोबार है बल्कि सामाजिक सेवा भी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधा जीवन रक्षक साबित हो रही है। हालांकि कम बिक्री की स्थिति में भी सरकारी सहायता रहती है। पंजाब के सोलर व्यवसायी इसे वैकल्पिक आय के रूप में अपना सकते हैं।

यह योजना स्वास्थ्य और उद्यमिता का अनूठा संगम है। इच्छुक जल्दी तैयारी शुरू कर दें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।

Author
info@ortpsa.in

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