
भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव आ गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपनी वेबसाइट www.irctc.co.in और IRCTC रेल कनेक्ट ऐप पर यूजर इंटरफेस (UI) में व्यापक सुधार किए हैं। अब एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले दिन केवल आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे, जबकि तत्काल बुकिंग पूरी तरह आधार अनिवार्य कर दी गई है। इन कदमों से 30 मिलियन से ज्यादा फेक प्रोफाइल ब्लॉक हो चुकी हैं और 48.6 मिलियन संदिग्ध यूजर आईडी दोबारा वेरीफाई की गई हैं, जिससे आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना आसान हो गया है।
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नए नियमों का परिचय
रेल मंत्रालय के तहत आने वाली इस पब्लिक सेक्टर कंपनी ने दलालों और फर्जी अकाउंट्स पर लगाम कसने के लिए ये सख्त नियम जनवरी 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किए। ARP, जो सामान्यत: 60 दिन पहले खुलता है, उसके पहले दिन (रात 12 बजे से अगली रात 12 बजे तक) अब बिना आधार लिंक्ड IRCTC अकाउंट के कोई टिकट बुकिंग नहीं हो सकती।
गैर-आधार यूजर्स को दूसरे दिन से बुकिंग की अनुमति मिलेगी। तत्काल श्रेणी में तो अब सिर्फ वेरीफाइड यूजर्स ही बुकिंग कर पाएंगे, जिससे टिकटों का दुरुपयोग रुक गया है। IRCTC के अनुसार, एंटी-बॉयलिंग टेक्नोलॉजी और फेक आईडी साफ करने से ऑनलाइन टिकटिंग में ट्रांसपेरेंसी बढ़ी है।
यात्रियों के लिए फायदे
यात्रियों को अब तेज, सहज और रुकावट-रहित बुकिंग का अनुभव मिलेगा। नया UI अधिक यूजर-फ्रेंडली है, जिसमें तेज लोडिंग, बेहतर सर्च और आसान नेविगेशन शामिल हैं। काउंटर बुकिंग (PRS) पर अभी कोई बदलाव नहीं, लेकिन OTP वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी है। जनरल टिकटों में भी पहले 15 मिनट आधार वेरीफिकेशन अनिवार्य है। इन बदलावों से रेलवे को प्रतिदिन लाखों टिकटों की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आम आदमी को सीट मिलने की संभावना 20-30% तक बढ़ सकती है।
आधार वेरीफिकेशन प्रक्रिया
आधार वेरीफिकेशन प्रक्रिया बेहद सरल है। IRCTC ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करें, प्रोफाइल सेक्शन में ‘Aadhaar Verification’ चुनें, 12-अंकीय आधार नंबर डालें और आधार से लिंक्ड मोबाइल पर आए OTP से वेरीफाई करें। यह मुफ्त और तुरंत पूरा होता है। जिनके पास आधार नहीं, वे UIDAI केंद्रों से बनवा सकते हैं या ARP के अगले दिन बुकिंग कर सकते हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ये नियम केवल ऑनलाइन बुकिंग पर लागू हैं, ताकि ग्रामीण और डिजिटल रूप से कम सक्षम यात्रियों पर बोझ न पड़े।
बदलावों का असर
इन सुधारों का असर दिखने लगा है। जनवरी 2026 से अब तक तत्काल टिकटों में दलालों की हिस्सेदारी 40% घटी है, जबकि कंफर्म टिकटों का प्रतिशत बढ़ा है। IRCTC के अधिकारियों ने बताया कि नया सिस्टम AI-बेस्ड मॉनिटरिंग से लैस है, जो संदिग्ध गतिविधियों को रीयल-टाइम ट्रैक करता है। यात्रियों से अपील है कि वे जल्द से जल्द अकाउंट वेरीफाई कर लें, खासकर गर्मियों की छुट्टियों और त्योहारों से पहले।
भविष्य की योजनाएं
रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा, “ये बदलाव यात्रियों की सुविधा के लिए हैं। फर्जीवाड़ा खत्म, असली यात्रियों को न्याय मिलेगा।” हालांकि, कुछ यात्री आधार प्रक्रिया की जटिलता से असहज हैं, लेकिन अधिकांश स्वागत कर रहे हैं। भविष्य में IRCTC और सुधार लाने की योजना बना रहा है, जैसे वॉयस असिस्टेड बुकिंग। कुल मिलाकर, ये कदम भारतीय रेल को डिजिटल युग में मजबूत बना रहे हैं।
















