
दुनिया की सबसे अमीर और चकाचौंध से भरी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को एक बड़ा झटका लगा है, वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) द्वारा जारी ताज़ा रैंकिंग में IPL दुनिया की ‘नंबर-1’ क्रिकेट लीग की रेस में पिछड़ गई है, ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) और दक्षिण अफ्रीका की ‘SA20’ ने बाजी मारते हुए IPL को तीसरे स्थान पर धकेल दिया है।
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अमीर होने के बावजूद क्यों पिछड़ा IPL?
हैरानी की बात यह है कि वित्तीय मजबूती और लोकप्रियता के बावजूद IPL, WCA के मानकों पर खरी नहीं उतर पाई। रैंकिंग के विश्लेषण से पता चलता है कि जहाँ खिलाड़ियों के औसत वेतन (Average Salary) और भुगतान की विश्वसनीयता में IPL को सबसे अधिक अंक मिले हैं, वहीं कुछ बुनियादी ढांचागत कमियों ने इसकी रैंकिंग गिरा दी।
पिछड़ने के मुख्य कारण
- खिलाड़ियों का कल्याण: रिपोर्ट के मुताबिक, IPL खिलाड़ियों के अधिकारों और उनके कल्याण (Player Welfare) से जुड़े मानकों में अन्य लीग्स की तुलना में पीछे रही।
- विवाद निपटान तंत्र: लीग में खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी के बीच होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए एक पारदर्शी और स्वतंत्र ‘डिस्प्यूट रेजोल्यूशन मैकेनिज्म’ की कमी को बड़ी कमजोरी माना गया है।
- संगठित होने का अधिकार: ‘राइट टू ऑर्गनाइज’ जैसे मानकों पर भी IPL को कम अंक मिले हैं।
WCA रैंकिंग के टॉप-5 पायदान
रैंकिंग में 100 में से 75.2 अंकों के साथ इंग्लैंड की द हंड्रेड शीर्ष पर है दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका की SA20 (68.0 अंक) रही, जबकि IPL 62.6 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) 62.5 अंकों के साथ चौथे और पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 48.0 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।
CEO का बयान
WCA के सीईओ टॉम मोफत ने कहा कि हालांकि लीग्स के विस्तार से क्रिकेट जगत को फायदा हुआ है, लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और विवाद सुलझाने की प्रक्रियाओं में अभी भी बड़े सुधार की आवश्यकता है।
















