
बढ़ती महंगाई के इस दौर में किचन का बजट संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जहाँ एक ओर एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी ओर इंडक्शन कुकटॉप एक स्मार्ट विकल्प बनकर उभरा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक घंटा इंडक्शन चलाने पर आपकी जेब पर कितना भार पड़ता है? आइए समझते हैं इसका पूरा कैलकुलेशन।
Table of Contents
1 घंटे में कितनी खर्च होगी बिजली?
आमतौर पर एक मध्यम साइज का इंडक्शन चूल्हा 1500 वॉट (1.5 kW) की क्षमता वाला होता है, अगर आप इसे लगातार एक घंटे तक फुल पावर पर इस्तेमाल करते हैं, तो यह लगभग 1.5 यूनिट बिजली की खपत करता है।
भारत के शहरी इलाकों में औसत बिजली दर ₹7 से ₹8 प्रति यूनिट के बीच रहती है। इस हिसाब से, इंडक्शन पर एक घंटे खाना बनाने का खर्च करीब 10 से 12 रुपये आता है।
गैस या इंडक्शन: कौन है असली ‘बचत किंग’?
तुलना की जाए तो इंडक्शन कुकटॉप गैस के मुकाबले ज्यादा ‘एनर्जी एफिशिएंट’ माना जाता है।
- कार्यक्षमता (Efficiency): इंडक्शन करीब 90% ऊर्जा का सीधा इस्तेमाल बर्तन गर्म करने में करता है, जबकि गैस चूल्हे में लगभग 50% गर्मी हवा में बर्बाद हो जाती है।
- समय की बचत: इंडक्शन पर पानी या दूध गैस के मुकाबले 50% तेजी से उबलता है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों बचती है।
मौजूदा एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (लगभग ₹900-₹1000) को देखते हुए, इंडक्शन का इस्तेमाल करना गैस के मुकाबले थोड़ा किफायती साबित होता है, हालांकि, इसके लिए आपके पास इंडक्शन फ्रेंडली बर्तन (जैसे स्टील या कास्ट आयरन) होना जरूरी है।
















