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पाकिस्तान के खजाने से 3 गुना ज्यादा सोना है इस भारतीय कंपनी के पास! जानें कैसे इकट्ठा किया 205 टन गोल्ड

आर्थिक कंगाली से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान की हालत किसी से छिपी नहीं है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की एक प्राइवेट कंपनी के पास पाकिस्तान के सरकारी खजाने से भी तीन गुना ज्यादा सोना मौजूद है? जी हां, केरल स्थित गोल्ड लोन कंपनी मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) के पास मौजूद सोने का भंडार दुनिया के कई विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों को भी पीछे छोड़ रहा है

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पाकिस्तान के खजाने से 3 गुना ज्यादा सोना है इस भारतीय कंपनी के पास! जानें कैसे इकट्ठा किया 205 टन गोल्ड
पाकिस्तान के खजाने से 3 गुना ज्यादा सोना है इस भारतीय कंपनी के पास! जानें कैसे इकट्ठा किया 205 टन गोल्ड

आर्थिक कंगाली से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान की हालत किसी से छिपी नहीं है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की एक प्राइवेट कंपनी के पास पाकिस्तान के सरकारी खजाने से भी तीन गुना ज्यादा सोना मौजूद है? जी हां, केरल स्थित गोल्ड लोन कंपनी मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) के पास मौजूद सोने का भंडार दुनिया के कई विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों को भी पीछे छोड़ रहा है।

पाकिस्तान से 3 गुना अधिक गोल्ड रिजर्व

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान के पास वर्तमान में लगभग 64.7 टन सोना है। इसके उलट, भारत की दिग्गज गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) मुथूट फाइनेंस के पास करीब 209 टन सोना जमा है, इसका मतलब है कि अकेले इस कंपनी का गोल्ड रिजर्व पाकिस्तान के कुल भंडार से लगभग 3.2 गुना ज्यादा है। इतना ही नहीं, मुथूट फाइनेंस का यह भंडार स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देशों के स्वर्ण भंडार से भी अधिक है।

कैसे इकट्ठा हुआ 200 टन से ज्यादा सोना?

हैरानी की बात यह है कि मुथूट फाइनेंस ने यह सोना किसी खदान से नहीं निकाला और न ही इसे बाजार से सीधे खरीदा है, कंपनी ने यह विशाल भंडार ‘गोल्ड लोन’ बिजनेस के जरिए बनाया है:

  • गिरवी रखा गया सोना: भारत में परिवारों के पास दुनिया का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सोने का भंडार है। जब लोग अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए मुथूट फाइनेंस से कर्ज लेते हैं, तो वे अपना सोना कंपनी के पास सुरक्षित (Collateral) के तौर पर रखते हैं।
  • विशाल नेटवर्क: देशभर में कंपनी की 5,000 से अधिक शाखाएं हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं, जहां लोग बैंक जाने के बजाय अपनी जमा पूंजी (सोने) पर तुरंत लोन लेना पसंद करते हैं।
  • भरोसा और स्पीड: मुथूट फाइनेंस की 30 मिनट में लोन देने की प्रक्रिया और सालों पुराने भरोसे ने इसे आम भारतीयों की पहली पसंद बना दिया है। रोजाना लाखों लोग अपनी जरूरतों के लिए यहां सोना जमा करते हैं।

दक्षिण भारत की कंपनियों का दबदबा

सिर्फ मुथूट ही नहीं, केरल की एक और बड़ी कंपनी मणाप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) के पास भी लगभग 56 टन सोना जमा है, जो खुद पाकिस्तान के कुल भंडार के करीब पहुंचने वाला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय घरों में मौजूद सोने को ‘डेड इन्वेस्टमेंट’ के बजाय ‘वर्किंग कैपिटल’ में बदलने में इन कंपनियों ने बड़ी भूमिका निभाई है आज यही कारण है कि एक प्राइवेट भारतीय कंपनी का खजाना कई देशों की अर्थव्यवस्था से ज्यादा चमक रहा है।

Author
info@ortpsa.in

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