भारतीय रेलवे देश की लाइफलाइन है, जो प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है। लंबी रात की यात्राओं में नींद पूरी न होना एक आम समस्या है, लेकिन रेलवे ने इसके लिए रात 10 बजे के बाद खास नियम बनाए हैं। ये नियम यात्रियों की सुविधा और शांति सुनिश्चित करते हैं। कई यात्री इन्हें अनदेखा कर लेते हैं, जिससे विवाद बढ़ता है। अनुभवी यात्रियों का कहना है कि इनका पालन यात्रा को यादगार बना देता है। आइए जानते हैं इन तीन मुख्य नियमों के बारे में।

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इन तीन नियमों का रखें ध्यान!
पहला नियम: TTE टिकट चेकिंग पर रोक
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) किसी भी यात्री को जगाकर टिकट जांच नहीं कर सकता। इसका उद्देश्य यात्रियों को बिना रुकावट नींद लेने देना है। हालांकि, अगर आपकी यात्रा रात 10 बजे के बाद शुरू हो रही है या कोई बिना टिकट यात्रा कर रहा है, तो TTE कार्रवाई कर सकता है। स्लीपर, 3A, 2A और 1A कोच में यह नियम सबसे ज्यादा लागू होता है। लाखों यात्री इस नियम से लाभान्वित हो रहे हैं, क्योंकि पहले TTE की जागृति से नींद खराब हो जाती थी।
दूसरा नियम: लाइटें बंद और शोर-शराबा मना
रात 10 बजे के बाद कोच की मुख्य लाइटें बंद कर दी जाती हैं। केवल हल्की नीली नाइट लाइट जलती रहती है, ताकि अंधेरा न लगे। तेज आवाज में बातचीत, मोबाइल पर स्पीकर से गाने सुनना या वीडियो चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ईयरफोन का इस्तेमाल करें या चुपचाप सोने की कोशिश करें। अगर कोई नियम तोड़े, तो RPF या TTE चेतावनी दे सकता है। यह नियम IRCTC के दिशानिर्देशों पर आधारित है और यात्रियों की शिकायतों को कम करने में मददगार साबित हो रहा है।
तीसरा नियम: मिडिल बर्थ खोलने की छूट
स्लीपर क्लास और थ्री-टियर एसी में मिडिल बर्थ वाला यात्री रात 10 बजे के बाद अपनी बर्थ खोल सकता है। लोअर बर्थ धारक को इससे कोई आपत्ति नहीं जताने का अधिकार नहीं है। सुबह 6 बजे तक बर्थ वापस समेटनी पड़ती है, वरना सहयात्रियों को परेशानी हो सकती है। यह नियम बर्थ विवादों को खत्म करने के लिए बनाया गया है। पहले लोअर बर्थ वाले अक्सर विरोध करते थे, लेकिन अब शांति बनी रहती है।
TTE बदतमीजी करे तो शिकायत के आसान तरीके
कभी-कभी TTE नियम तोड़कर यात्रियों को परेशान करते हैं। ऐसे में घबराएं नहीं। Rail Madad ऐप डाउनलोड करें और PNR नंबर, ट्रेन डिटेल्स, कोच नंबर डालकर तुरंत शिकायत दर्ज करें। वेबसाइट railmadad.indianrailways.gov.in पर भी ऑनलाइन फॉर्म भरें। इमरजेंसी में 139 नंबर पर कॉल करें या “MADAD” SMS भेजें। आपको CRN नंबर मिलेगा, जिससे शिकायत का स्टेटस ट्रैक कर सकें। स्टेशन मास्टर, GRP या RPF से भी मौके पर मदद लें। रेलवे 24-48 घंटे में कार्रवाई करता है।
ये नियम 2026 में भी प्रासंगिक हैं। जागरूक यात्री बनें, सुरक्षित यात्रा करें। रेलवे निरंतर सुधार कर रहा है, लेकिन हमारी जिम्मेदारी भी बनती है।
















