
जब भी भारत के पड़ोसी देशों और सीमाओं की बात होती है, तो अक्सर लोगों के जेहन में चीन या पाकिस्तान का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा न तो चीन के साथ है और न ही पाकिस्तान के साथ? आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत की सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है, जिसकी कुल लंबाई 4,096.7 किलोमीटर है।
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पांच राज्यों से होकर गुजरती है ‘रेडक्लिफ लाइन’
भारत-बांग्लादेश की यह सीमा दुनिया की पांचवीं सबसे लंबी भूमि सीमा (Land Border) मानी जाती है। यह सीमा भारत के पांच उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राज्यों को स्पर्श करती है:
- पश्चिम बंगाल: 2,217 किमी (सबसे लंबी हिस्सेदारी)
- त्रिपुरा: 856 किमी
- मेघालय: 443 किमी
- मिजोरम: 318 किमी
- असम: 262 किमी
अन्य पड़ोसियों से कितनी अलग है यह सीमा?
तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो चीन और पाकिस्तान के साथ भारत की सीमाएं बांग्लादेश के मुकाबले छोटी हैं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत की सीमाओं का गणित कुछ इस प्रकार है:
| पड़ोसी देश | सीमा की लंबाई (किमी) |
|---|---|
| बांग्लादेश | 4,096.7 |
| चीन | 3,488 |
| पाकिस्तान | 3,323 |
| नेपाल | 1,751 |
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चुनौतीपूर्ण है भौगोलिक बनावट
4,096 किलोमीटर लंबी इस सीमा की सुरक्षा का जिम्मा सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पास है, इस सीमा का एक बड़ा हिस्सा नदियों, घने जंगलों और दलदली इलाकों (जैसे सुंदरबन) से होकर गुजरता है, जिस कारण कई जगहों पर फेंसिंग (बाड़) लगाना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ऐतिहासिक रुप से इसे रेडक्लिफ रेखा कहा जाता है, जो 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय निर्धारित की गई थी (तब बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान था) 2015 में हुए ऐतिहासिक ‘भूमि सीमा समझौते’ (LBA) के बाद दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे सीमा विवादों को सुलझाने में बड़ी मदद मिली।
















