
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले 48 घंटों के लिए उत्तर भारत के कई राज्यों में ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
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इन राज्यों में ‘रेड अलर्ट’ और भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 48 घंटे (19 और 20 मार्च) सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। यहाँ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और बर्फबारी का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में न जाने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि का कहर
पहाड़ों पर हो रही हलचल का सीधा असर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में देखने को मिलेगा। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कई स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है।
दिल्ली-NCR में तेज हवाओं का दौर
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यहाँ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चल सकती हैं। धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी दिखेगा असर
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी मौसम बिगड़ने के आसार हैं। 20 मार्च तक इन राज्यों के कुछ हिस्सों में आंधी और छिटपुट बारिश का अनुमान लगाया गया है।
सावधानियां और बचाव
- सुरक्षित स्थान पर रहें: बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, साइनबोर्ड या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- यात्रा से बचें: पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के खतरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें।
- किसानों को सलाह: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान कम हो।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर चेक करें और सतर्क रहें।
















