
अगर आप ICICI बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं और अक्सर सिर्फ ‘मिनिमम अमाउंट ड्यू’ (MAD) चुका कर काम चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर आपके मंथली बजट और बिलिंग साइकिल पर पड़ने वाला है।
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MAD की गणना का नया फॉर्मूला
ICICI बैंक ने मिनिमम अमाउंट ड्यू की गणना के तरीके को पूरी तरह अपडेट कर दिया है, अब ग्राहकों को MAD के रूप में न केवल कुल बकाया का एक हिस्सा देना होगा, बल्कि इसमें निम्नलिखित शुल्कों को भी अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा:
- कुल बकाया राशि का 5% हिस्सा।
- महीने की पूरी EMI राशि।
- सभी लागू फीस, फाइनेंस चार्जेस और उन पर लगने वाला GST।
- अगर आपने अपनी लिमिट से ज्यादा खर्च (Overlimit) किया है, तो वह पूरी राशि भी MAD में शामिल होगी।
कब से लागू होंगे नए नियम?
बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये बदलाव मार्च 2026 से अलग-अलग चरणों में लागू होंगे:
- 1 मार्च 2026 से: ‘इमरल्ड प्राइवेट मेटल’ और ‘टाइम्स ब्लैक’ जैसे प्रीमियम कार्ड्स पर।
- 20 मार्च 2026 से: ‘प्लैटिनम’, ‘बिजनेस ब्लैक/ब्लू’ और ‘कॉर्पोरेट गोल्ड’ सहित अन्य सामान्य क्रेडिट कार्ड्स पर।
अन्य सेवाओं पर भी बढ़ी सख्ती
न केवल बिलिंग, बल्कि अन्य ट्रांजैक्शंस पर भी बैंक ने शुल्क बढ़ा दिए हैं:
- गेमिंग और वॉलेट: ऑनलाइन गेमिंग ट्रांजैक्शन पर 2% और ₹5,000 से अधिक वॉलेट लोड करने पर 1% ट्रांजैक्शन शुल्क देना होगा।
- कैश पेमेंट: बैंक काउंटर पर नकद बिल भरने का शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹150 कर दिया गया है।
- मूवी बेनेफिट्स: BookMyShow पर मिलने वाले ‘Buy One Get One’ ऑफर का लाभ अब तभी मिलेगा जब आपने पिछली तिमाही में कम से कम ₹25,000 खर्च किए हों।
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विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ मिनिमम ड्यू चुकाने की आदत ग्राहकों को लंबे समय में कर्ज के जाल में फंसा सकती है, नए नियमों के बाद MAD की राशि पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी, इसलिए कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खर्चों का प्रबंधन सावधानी से करें।
















