
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाखों महिलाओं को सस्ते LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने वाली सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में अब भी कई लाभार्थी परेशान हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बैंक खाते में आने वाली गैस सब्सिडी अक्सर रुक जाती है या किसी और के खाते में चली जाती है। यदि आपको भी कई महीनों से सब्सिडी नहीं मिल रही, तो घबराएं नहीं। घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर अगले महीने से पूरा लाभ ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आधार लिंकिंग, ई-KYC और बैंक एक्टिवेशन जैसे छोटे कदम समस्या हल कर देते हैं।
Table of Contents
सब्सिडी रुकने के प्रमुख कारण
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को सालाना 8 सिलेंडरों पर सब्सिडी दी जाती है, जो DBT से ट्रांसफर होती है। लेकिन कई बार यह रुक जाती है। पहला बड़ा कारण आधार नंबर का बैंक खाते से लिंक न होना है। DBT सिस्टम में आधार अनिवार्य है, बिना इसके पैसा फंस जाता है। दूसरा, ई-KYC अधूरी होने पर लाभ रुकता है। उज्ज्वला लाभार्थियों को हर साल वीडियो कॉल या बायोमेट्रिक KYC रिन्यूअल जरूरी होता है।
तीसरा कारण बैंक खाते का निष्क्रिय होना। यदि लंबे समय से कोई ट्रांजेक्शन न हुआ हो, तो खाता डोरमेंट हो जाता है, और सब्सिडी रिजेक्ट हो जाती है। इसके अलावा, पुराना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होने या LPG ID में गड़बड़ी से भी समस्या आती है। इंडेन, भारत गैस या HP गैस वितरकों के अनुसार, 30% शिकायतें KYC से जुड़ी होती हैं। हालिया आंकड़ों में करोड़ों रुपये की सब्सिडी पेंडिंग है, जो सही शिकायत से रिलीज हो सकती है।
स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
शिकायत से पहले सब्सिडी स्टेटस जांचें। mylpg.in पर जाएं, अपनी गैस कंपनी (इंडेन, HP या भारत गैस) चुनें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या 17 अंकों वाली LPG ID डालें, OTP वेरिफाई करें। डैशबोर्ड में पिछले 3 महीनों का हिसाब दिखेगा – कितनी सब्सिडी जारी हुई, कब बैंक पहुंची। PFMS पोर्टल (pfms.nic.in) पर DBT स्टेटस भी देखें। यहां सिलेंडर बुकिंग डेट और ट्रांजेक्शन आईडी से पूरी डिटेल मिलेगी।
शिकायत दर्ज करने के तरीके
सबसे पहले 4 दिन इंतजार करें, फिर कार्रवाई करें। पहला ऑप्शन: mylpg.in
- वेबसाइट खोलें, गैस कंपनी चुनें।
- ‘Online Feedback’ पर क्लिक करें।
- मोबाइल नंबर या LPG ID भरें, सब्सिडी डिटेल्स लोड होंगी।
- ‘सब्सिडी क्रेडिट नहीं हुई’ चुनकर सिलेंडर बुकिंग डेट, बैंक डिटेल्स भरें।
- सबमिट करने पर 48 घंटे में SMS अपडेट आएगा।
दूसरा ऑप्शन: टोल-फ्री नंबर
1800-2333-555 पर कॉल करें। IVR में भाषा चुनें, LPG ID बताएं। ऑपरेटर शिकायत नोट करेगा, ट्रैकिंग आईडी देगा।
तीसरा: सरकारी पोर्टल
pgportal.gov.in पर ‘Lodge Public Grievance’ चुनें। कैटेगरी में ‘Oil & Gas’ > ‘LPG Subsidy’ सिलेक्ट करें। आधार, LPG ID, बैंक पासबुक स्कैन अपलोड करें। शिकायत 15 दिनों में रिजॉल्व हो जाती है।
अतिरिक्त टिप: उज्ज्वला ऐप डाउनलोड कर वीडियो KYC करें। बैंक में छोटा ट्रांजेक्शन (जैसे 1 रुपये का) करें ताकि खाता एक्टिव रहे।
लाभार्थियों की कहानियां और समाधान
दिल्ली की सरिता देवी बताती हैं, “तीन महीने से सब्सिडी नहीं मिली। mylpg.in पर शिकायत की, 10 दिन में 1200 रुपये आ गए।” इसी तरह, बिहार के रामू जी का खाता डोरमेंट था, टोल-फ्री कॉल से सक्रिय हुआ। सरकार ने 2026 तक 100% DBT कवरेज का लक्ष्य रखा है, लेकिन जागरूकता की कमी बाधा। अगली बुकिंग से पहले KYC अपडेट रखें। समस्या बनी रहे तो डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कार्यालय जाएं। इस तरह, एक क्लिक से लाखों का लाभ सुरक्षित हो सकता है।
















