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सेविंग अकाउंट में 1 महीने में कितना लेनदेन? लिमिट क्रॉस की तो सीधे आयकर विभाग (IT) का आएगा नोटिस

सामान्य उपयोगकर्ता के लिए सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि कैश लेनदेन कम रखें, एक दिन में 2 लाख से ज्यादा कैश जमा या निकासी से बचें और अपने खाते के रिकॉर्ड साफ रखें।

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बचत खाते में पैसा जमा या निकालना आम बात है, लेकिन अब ऐसे लेनदेन पर इनकम टैक्स विभाग की नजरें भी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। खासकर जब बात कैश लेनदेन की आती है, तो डिजिटल स्क्रीनिंग और डेटा एनालिटिक्स के जरिए विभाग उन खातों पर नजर रखता है, जहां एक वित्त वर्ष में कैश जमा या निकासी का पैटर्न असामान्य रूप से बढ़ जाता है।

सेविंग अकाउंट में 1 महीने में कितना लेनदेन? लिमिट क्रॉस की तो सीधे आयकर विभाग (IT) का आएगा नोटिस

क्या है महीने की लेनदेन लिमिट?

कानूनी तौर पर बचत खाते में एक महीने में कितना रुपया जमा या निकाला जा सकता है, इसकी कोई सीधी सीमा नहीं है। बैंक अपनी तरफ से फ्री ट्रांजेक्शन या शुल्क की सीमा तय करते हैं, लेकिन यह सीधे आयकर नोटिस का कारण नहीं होता। समस्या तब शुरू होती है जब खाते में कैश का इस्तेमाल अचानक बढ़ जाता है या टर्नओवर बहुत तेज होता है।

कैश जमा और निकासी पर नियम

आयकर अधिनियम की धारा 269ST के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को एक दिन में 2 लाख रुपये से ज्यादा की कैश रसीद नहीं लेनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि एक दिन में कई बार छोटे‑छोटे हिस्सों में पैसा जमा करके इस नियम से बचने का प्रयास करना भी खतरनाक माना जा सकता है। ऐसे मामलों में बैंक या दूसरी संस्था को रिपोर्टिंग करनी पड़ती है और खाताधारक पर जुर्माना या नोटिस का जोखिम बढ़ जाता है।

साल भर में अगर आपके खाते में कैश जमा और निकासी का कुल आकार 10 लाख रुपये के आसपास या उससे ऊपर पहुंच जाए, तो यह आमतौर पर उस श्रेणी में आने लगता है जिस पर इनकम टैक्स विभाग की स्क्रीनिंग शुरू हो जाती है। AIS और 26AS में ऐसे ट्रांजैक्शन दिखने पर विभाग या तो ऑडिट करने के लिए निर्देश जारी करता है या सीधे नोटिस भेजकर “सोर्स ऑफ मनी” की व्याख्या मांगता है।

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डिजिटल लेनदेन और कैश दोनों की जांच

UPI, NEFT, IMPS जैसे डिजिटल ट्रांजैक्शन पर सीधे ज्यादा नजर नहीं होती, यदि उसके साथ आपके आय स्रोत और टैक्स रिटर्न मेल खाते रहें। लेकिन अगर आपके खाते का पूरे साल का टर्नओवर बहुत ज्यादा हो जाता है या पैटर्न असामान्य लगता है, तो भी विभाग AIS और बैंक की SFT डेटा की मदद से जांच कर सकता है।

कैश लेनदेन पर जांच ज्यादा तब होती है जब रुपया एकदम जमा होकर जल्दी निकाल लिया जाता है, या फिर बड़ी रकम बैंक से बाहर निकलने का लेनदेन बार‑बार दोहराती है। ऐसे मामलों में विभाग को यह शक होने लगता है कि आय का सही खुलासा नहीं किया गया हो, या टैक्स चोरी का प्रयास किया जा रहा हो।

नोटिस आने पर आपको क्या करना चाहिए?

अगर आपको नोटिस मिले, तो सबसे पहले शांत रहें और हर ट्रांजैक्शन का सोर्स तैयार रखें। यह जरूरी है कि आप बता सकें कि यह रुपया कहां से आया, जैसे पुरानी बचत, बिक्री या किराए की रकम, उपहार, लोन इत्यादि। साथ ही बैंक स्टेटमेंट, कैश फ्लो और दूसरे दस्तावेजों की कॉपी तैयार रखें। अगर रिकॉर्ड साफ हैं और इनकम की घोषित रकम से मेल खाती है, तो केस आसानी से सुलझ सकता है।

सुरक्षित रहने के लिए टिप्स

सामान्य उपयोगकर्ता के लिए यही सलाह दी जाती है कि जहां तक हो सके कैश लेनदेन से बचें। एक दिन में 2 लाख से ज्यादा कैश जमा या निकासी करने से पहले खतरा समझ लें। अगर आपकी आर्थिक गतिविधि बड़ी है, तो सेविंग के बजाय करंट अकाउंट और ठीक‑ठाक रिकॉर्ड रखना बेहतर है। फिलहाल मार्केट में अधिकतर लेनदेन डिजिटल होते जा रहे हैं, जो न केवल सुविधाजनक है, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

Author
info@ortpsa.in

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