बिजली कटौती के इस दौर में इन्वर्टर घर-घर की जरूरत बन चुका है, लेकिन बैटरी का रखरखाव न करने से लाखों रुपये का नुकसान हो जाता है। गर्मी बढ़ते ही पानी का लेवल कम होने से बैटरी की प्लेट्स खराब हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही समय पर पानी चेक करने से बैटरी 3-5 साल आसानी से चल सकती है। ज्यादातर लोग सामान्य पानी भर देते हैं, जो बैटरी को जंग लगा देता है।

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सही समय पर रखें नजर
इन्वर्टर बैटरी में डिस्टिल्ड वॉटर का लेवल कम बिजली कटौती वाले इलाकों में हर 2-3 महीने चेक करें। ज्यादा इस्तेमाल या गर्म मौसम में 30-45 दिन का गैप रखें। नॉर्मल यूज में 4-5 महीने बाद पानी कम दिखता है। फ्लोट इंडिकेटर को रोज देखें, यह बैटरी के प्लग्स पर लगा होता है। अगर लाल निशान दिखे या लेवल मिनिमम मार्क से नीचे हो, तो तुरंत एक्शन लें। देरी से बैकअप घटने लगता है और बैटरी ओवरहीट हो जाती है। पंजाब जैसे गर्म इलाकों में साप्ताहिक चेकिंग फायदेमंद साबित होती है।
खतरे के प्रमुख संकेत
बैटरी के कमजोर होने के कई संकेत नजर आते हैं। सबसे पहला, बैकअप टाइम घटना पहले 2-3 घंटे चलने वाली बैटरी अब 1 घंटे में ही बंद हो जाए। दूसरा, चार्जिंग में दिक्कत जैसे लाइट ब्लिंकिंग रुक जाना या बैटरी गर्म महसूस होना। तीसरा, इन्वर्टर से अजीब आवाज आना या तेज गंध फैलना। ये लक्षण पानी की कमी के कारण होते हैं, जो प्लेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं। अगर इग्नोर करें, तो बैटरी पूरी तरह फेल हो जाती है और नई खरीदनी पड़ती है।
पानी भरने का सुरक्षित तरीका
पानी भरने से पहले इन्वर्टर ऑफ करें और बैटरी को 5-6 घंटे रेस्ट दें। रबर ग्लव्स पहनें, प्लग्स सावधानी से खोलें। हर सेल में डिस्टिल्ड वॉटर ही डालें, नल या RO पानी से मिनरल्स जम जाते हैं। फनल का इस्तेमाल करें और लेवल को ऊपरी-निचली लाइन के बीच रखें। ज्यादा भरने से ओवरफ्लो होता है, जो शॉर्ट सर्किट का कारण बनता है। भरने के बाद कैप्स टाइट बंद करें, सतह साफ करें। फिर 10-12 घंटे फुल चार्ज चलाएं। इस 15 मिनट की प्रक्रिया से बैटरी की लाइफ दोगुनी हो जाती है।
गर्मी में बैटरी को ठंडी, हवादार जगह पर रखें ताकि पानी तेजी से न उड़े। महीने में एक बार वोल्टेज चेक करने के लिए मल्टीमीटर यूज करें। अच्छी बैटरी ब्रांड चुनें और ओवरलोड से बचें। सस्ते पानी से बचें, क्योंकि यह बैटरी को हजारों का नुकसान पहुंचा सकता है। आज ही चेक करें, बिजली कटौती में कहीं अंधेरा न न छा जाए। सही रखरखाव से बिजली बिल भी कम होगा और बैकअप बढ़ेगा।
















