होली के उमंग भरे त्योहार पर घर लौटने की आस में जूझ रहे लाखों यात्रियों को भारतीय रेलवे ने अब सांस राहत देने वाली खबर दी है। सामान्य ट्रेनों में सीटें लंबे समय से फुल चल रही हैं, लेकिन रेलवे ने इस बार बड़े पैमाने पर विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। फरवरी के आखिर से शुरू होकर अप्रैल तक चलने वाली ये ट्रेनें खासतौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पूर्वी इलाकों के लोगों को लक्षित करेंगी। यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने अपनी क्षमता को पिछले साल से एक चौथाई ज्यादा बढ़ा लिया है।

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क्यों जरूरी था ये ऐलान?
हर साल होली पर शहरों से गांवों की ओर भारी पलायन होता है। प्रवासी मजदूर, नौकरीपेशा लोग और छात्र परिवार के साथ रंग-गुलाल खेलने को बेताब रहते हैं। इस बार भी दिल्ली, मुंबई, पुणे जैसे महानगरों से पटना, गोरखपुर, सीतामढ़ी जैसे स्टेशनों तक वेटिंग लिस्ट लंबी हो चुकी थी। रेलवे ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए विभिन्न जोनों से सैकड़ों ट्रेनें जोड़ी हैं। पूर्व मध्य रेलवे सबसे आगे है, उसके बाद पश्चिम, मध्य और दक्षिणी जोन। ये ट्रेनें न सिर्फ भीड़ कम करेंगी, बल्कि एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी में पर्याप्त बर्थ मुहैया कराएंगी। कुल मिलाकर करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचेगा।
प्रमुख रूट्स पर फोकस
रेलवे ने खासतौर पर उत्तर भारत से पूर्वी राज्यों के लोकप्रिय रास्तों को कवर किया है। दिल्ली से बरौनी जाने वाली ट्रेनें फरवरी के तीसरे हफ्ते से रोज चलेंगी। ये शाम को रवाना होकर अगले दिन गंतव्य तक पहुंचेंगी। इसी तरह आनंद विहार से ओडिशा के खुरदा रोड तक की सेवाएं फरवरी अंत से मार्च शुरूआत तक उपलब्ध रहेंगी। दिल्ली से सीतामढ़ी रूट पर मासिक आधार पर दो-दो ट्रिप होंगी, जो रात के समय चलेंगी। गोरखपुर, लालकुआं और राजकोट जैसे स्टेशनों को जोड़ने वाली ट्रेनें रविवारों पर विशेष रूप से दौड़ेंगी। उत्तर प्रदेश के सूबेदारगंज से शकूर बस्ती तक मंगलवार-बुधवार को नियमित फेरे होंगे। अमृतसर, कानपुर और झांसी जैसे शहरों से भी कनेक्टिविटी मजबूत की गई है। पंजाब से यूपी-बिहार जाने वालों को अब आसानी होगी।
ट्रेनों की विशेषताएं और समय-सारिणी
इन ट्रेनों में स्लीपर क्लास के साथ एसी कोच भी जोड़े गए हैं, ताकि सभी वर्गों को सुविधा मिले। उदाहरण के तौर पर दिल्ली-बरौनी ट्रेन शाम सवा सात बजे छूटेगी और अगले दिन शाम तक पहुंच जाएगी। सीतामढ़ी वाली रात ग्यारह बजे प्रस्थान करेगी। गोरखपुर से दिल्ली दोपहर में चलेगी। ये सभी ट्रिप्स मार्च के अंत तक जारी रहेंगी, जब होली का चरम पीक होगा। रेलवे ने जरूरत पड़ने पर और ट्रेनें जोड़ने का वादा भी किया है। यात्रा के दौरान सुरक्षा और सफाई पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।
टिकट कैसे बुक करें, क्या रखें ध्यान
यात्रियों को तुरंत हरकत में आना चाहिए। टिकट ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या स्टेशन काउंटर से आसानी से बुक हो जाएंगे। बुकिंग पहले से शुरू हो चुकी है, लेकिन पीक डेट्स नजदीक आते ही जल्दी भरने की संभावना है। पीएनआर स्टेटस नियमित चेक करें और वैकल्पिक तारीख चुनें। रेलवे ऐप से लाइव अपडेट पाएं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्रुप बुकिंग कराएं और वेटिंग से बचें। इस प्लान से न सिर्फ होली मनाना आसान होगा, बल्कि यात्रा सुरक्षित भी रहेगी।
रेलवे का ये प्रयास त्योहार की खुशियां घर-घर पहुंचाने वाला साबित होगा। अब कोई बहाना नहीं, परिवार के साथ रंगों का त्योहार न मनाएं तो क्या करें!
















