
केंद्र सरकार की नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीम (NFBS) गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत मुख्य कमाने वाले सदस्य (18-60 वर्ष) की मृत्यु पर परिवार को एकमुश्त ₹30,000 की नकद सहायता मिलती है। यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का हिस्सा है, जो ग्रामीण और शहरी गरीबों को आर्थिक संकट से उबारने का प्रयास करता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में राशि ₹20,000 से बढ़कर ₹30,000 हुई है, जबकि कई जगह अभी ₹20,000 ही है। 2026 की अपडेटेड BPL लिस्ट pmjanman.secc.gov.in पर उपलब्ध है।
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योजना का उद्देश्य और कवरेज
NFBS का लक्ष्य BPL परिवारों को अचानक आर्थिक झटके से बचाना है। यदि परिवार का एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति (पुरुष या महिला) मर जाता है, तो विधवा, अविवाहित बेटी या घर के मुखिया को लाभ मिलता है। मृत्यु प्राकृतिक या दुर्घटना से हो, कोई फर्क नहीं पड़ता। ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय ₹56,460 से कम और शहरी में ₹46,080 से कम होनी चाहिए। यूपी में nfbs.upsdc.gov.in पोर्टल से नई सूची चेक करें; लाखों परिवार लाभ के हकदार हैं।
कौन ले सकता है लाभ?
- परिवार BPL सूची में शामिल हो।
- मृतक की आयु मृत्यु के समय 18-60 वर्ष।
- आवेदन मृत्यु के 1 वर्ष (कुछ राज्यों में 2 वर्ष) के अंदर।
उत्तर प्रदेश में नागरिकों को प्राथमिकता, जहां आय सीमा सख्ती से लागू। दिल्ली के Solar Dukan जैसे उपयोगकर्ता पड़ोसी राज्यों की जांच कर लाभ उठा सकते हैं। गलत जानकारी से वंचित न हों।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए ये दस्तावेज अनिवार्य:
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक
- BPL/गरीबी प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण
- आयु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर।
DBT से सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर होती है।
आवेदन प्रक्रिया
- स्थानीय ग्राम पंचायत, तहसील या ब्लॉक कार्यालय जाएं।
- फॉर्म भरें या ऑनलाइन nfbs.upsdc.gov.in/UMANG पर अप्लाई करें।
- दस्तावेज संलग्न कर जमा करें।
- सत्यापन के बाद 1-2 माह में लाभ। महाराष्ट्र में कलेक्टर कार्यालय, मध्य प्रदेश में socialsecurity.mp.gov.in पोर्टल।
राज्यवार तुलना
| राज्य | राशि | आय सीमा (वार्षिक) | आवेदन समय सीमा |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | ₹30,000 | ग्रामीण ₹56,460 | 1 वर्ष |
| महाराष्ट्र | ₹20,000 | BPL आधारित | 2 वर्ष |
| हरियाणा | ₹20,000 | BPL | 1 वर्ष |
| सामान्य | ₹20,000-₹30,000 | शहरी ₹46,080 | 1-2 वर्ष |
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि योजना क्रांतिकारी है, जागरूकता की कमी और देरी शिकायतें बनी हुई हैं। सरकार ने 2026 में डिजिटल ट्रैकिंग मजबूत की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे गरीबी चक्र टूटेगा। BPL परिवार तुरंत स्थानीय CSC सेंटर संपर्क करें। यह सामाजिक सुरक्षा जाल का मजबूत कड़ी है, जो लाखों परिवारों को नई शुरुआत देगी।
















