
देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है, टेलिकॉम कंपनियों द्वारा वर्षों से चलाए जा रहे ’28 दिनों के रिचार्ज’ वाले गणित पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है, सरकार के ताजा हस्तक्षेप के बाद अब रिलायंस जियो, एयरटेल और वीआई (Vi) जैसी कंपनियों को अनिवार्य रूप से पूरे 30 दिन की वैधता वाले प्लान को प्रमुखता से पेश करना होगा।
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13वें रिचार्ज का बोझ होगा कम
अब तक कंपनियां 28 दिन की वैधता वाले प्लान बेचती थीं गणित सीधा था 28 दिन के हिसाब से साल भर (365 दिन) की सेवा के लिए ग्राहकों को 12 के बजाय 13 बार रिचार्ज करना पड़ता था, यह अतिरिक्त रिचार्ज कंपनियों की झोली भरता था और आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता था सरकार के इस सख्त कदम से अब ग्राहकों को साल में केवल 12 बार ही रिचार्ज कराना होगा, जिससे सीधे तौर पर पैसों की बचत होगी।
TRAI और सरकार का कड़ा निर्देश
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के निर्देशों को दोहराते हुए संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि कंपनियों को अपने पोर्टफोलियो में 30 दिन की वैधता वाले प्लान को न केवल शामिल करना होगा, बल्कि उनकी मार्केटिंग भी बढ़ानी होगी।
नियमों में मुख्य बदलाव
- पूरे 30 दिन की वैधता: कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान रखना होगा जिसकी वैलिडिटी पूरे 30 दिन की हो।
- कैलेंडर मंथ प्लान: एक ऐसा वाउचर भी अनिवार्य है जो ‘कैलेंडर माह’ के आधार पर रिन्यू हो यानी अगर आपने 5 तारीख को रिचार्ज किया है, तो अगला रिचार्ज अगले महीने की 5 तारीख को ही करना होगा।
- पारदर्शिता: कंपनियों को इन प्लान्स के बारे में ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देनी होगी ताकि वे 28 दिन वाले ‘ट्रैप’ से बच सकें।
विपक्ष ने भी उठाया था मुद्दा
संसद में हाल ही में सांसद राघव चड्ढा ने 28 दिन के इस चक्र को “गणितीय भ्रम” और ग्राहकों के साथ अन्याय बताते हुए मुद्दा उठाया था सरकार के इस एक्शन को उसी दबाव और जनहित के बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से मध्यमवर्गीय परिवारों के मोबाइल खर्च में सालाना 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है अब देखना यह होगा कि कंपनियां इन नए निर्देशों के बाद अपने टैरिफ प्लान्स में किस तरह के बदलाव करती हैं।
















