
राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत नए कोटे की गाइडलाइन स्पष्ट कर दी है, अक्सर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में कोटेदार (डीलर) पात्र लाभार्थियों के हिस्से का अनाज डकार जाते हैं या उन्हें कम वजन देते हैं।
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कार्ड के हिसाब से तय होता है आपका हक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन की मात्रा आपके पास मौजूद राशन कार्ड की श्रेणी पर निर्भर करती है, मुख्य रूप से दो श्रेणियों में अनाज बांटा जा रहा है:
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY): यह कार्ड सबसे गरीब परिवारों के लिए होता है। इस कार्ड पर प्रति परिवार 35 किलो अनाज हर महीने मुफ्त दिया जाता है। इसमें सदस्यों की संख्या मायने नहीं रखती, पूरे परिवार के लिए एकमुश्त कोटा तय है।
- प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): इस श्रेणी के कार्ड धारकों को प्रति सदस्य (यूनिट) के आधार पर राशन मिलता है। नियम के अनुसार, प्रति यूनिट 5 किलो अनाज मिलना अनिवार्य है। यानी अगर आपके परिवार में 6 सदस्य हैं, तो आपको 30 किलो अनाज मिलना चाहिए।
गेहूं और चावल का क्या है गणित?
ज्यादातर राज्यों में सरकार 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल (प्रति यूनिट) का अनुपात रखती है, हालांकि, कुछ राज्यों में स्थानीय पैदावार के आधार पर मोटे अनाज (बाजरा, मक्का) भी शामिल किए जाते हैं।
डीलर ‘खेल’ करे तो यहाँ करें शिकायत
अगर आपका कोटेदार आपसे पैसे मांगता है, वजन कम देता है या ई-पॉश (e-POS) मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद राशन देने से मना करता है, तो आप चुप न बैठें। आप सीधे इन माध्यमों से अपनी आवाज उठा सकते हैं:
- राष्ट्रीय स्तर पर 1967 या 14445 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट NFSA.gov.in पर जाकर अपने राज्य के शिकायत निवारण अधिकारी की जानकारी निकालें।
- ध्यान रहे, सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए आधार सीडिंग और e-KYC अनिवार्य कर दिया है, अगर आपकी केवाईसी पूरी नहीं है, तो आपका नाम लिस्ट से कट सकता है।
कोटेदार से राशन लेते समय हमेशा रसीद की मांग करें और सुनिश्चित करें कि डिजिटल तराजू पर वजन सही हो, आपका हक कोई और नहीं छीन सकता।
















