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Gold Limits: घर में कितना सोना रखना है कानूनी? इनकम टैक्स रेड से बचना है तो जान लें घर में गोल्ड रखने के ये नए सरकारी नियम।

इनकम टैक्स वाले घर में घुस आए तो क्या होगा? घर में कितना सोना रखना लीगल है? 2026 के नए सरकारी नियम बताते हैं, लिमिट क्रॉस की तो भारी पेनल्टी! जल्दी चेक करें, लाखों रुपये बचाएं।

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भारत में सोना धन का प्रतीक तो है ही, लेकिन इनकम टैक्स विभाग की सख्ती ने इसे चिंता का विषय बना दिया है। लाखों परिवार शादियों-त्योहारों पर गहने जमा करते हैं, मगर बिना स्रोत के सोना पकड़े जाने पर रेड का खतरा मंडराता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) के स्पष्ट नियम बताते हैं कि घर में कितना सोना बेफिक्र रखा जा सकता है। ये सीमाएं 2026 तक वैसी ही हैं, कोई नया बदलाव नहीं। समझें इनकी बारीकियां, ताकि टैक्स नोटिस से बच सकें।

Gold Limits: घर में कितना सोना रखना है कानूनी? इनकम टैक्स रेड से बचना है तो जान लें घर में गोल्ड रखने के ये नए सरकारी नियम।

बिना बिल वाली सुरक्षित मात्रा

रेड के दौरान विभाग बिना सबूत के सोने की जांच करता है। ये मात्राएं सामान्य मानी जाती हैं, बिना सवाल के, विवाहित महिला 500 ग्राम तक सोना या गहने रख सकती है। अविवाहित महिला के लिए 250 ग्राम की सीमा है। पुरुष चाहे विवाहित हो या अविवाहित, उसके पास 100 ग्राम तक ही बिना बिल के रहना चाहिए।

एक चार सदस्यीय परिवार में पति-पत्नी और दो बेटियों के हिसाब से कुल 1 किलो 50 ग्राम तक बिना टेंशन रख सकते हैं। इससे ज्यादा वजन मिला तो स्रोत मांगा जाएगा। साबित न होने पर जब्ती या भारी जुर्माना लग सकता है। ये नियम महिलाओं को पारंपरिक गहनों का ध्यान रखते हुए बनाए गए हैं।

दस्तावेजों से कोई सीमा नहीं

अगर सोना घोषित आय से खरीदा गया और बिल मौजूद है, तो कोई ऊपरी लिमिट नहीं। विभाग वजन तो तौलता है, लेकिन वैल्यू पर सवाल नहीं उठाता। विरासत में मिले गहनों के लिए वसीयतनामा, फैमिली सेटलमेंट या पुरानी खरीदारी के रिकॉर्ड दिखाएं। नई खरीदारी पर हमेशा जीएसटी बिल लें। आयकर रिटर्न में इसे शामिल करें, तो जांच में आसानी।

पुराने गहनों की फोटो खींचकर वैल्यूएशन रिपोर्ट बनवा लें। इससे विभाग संतुष्ट हो जाता है। ध्यान दें, घरेलू चांदी पर ये सीमाएं लागू नहीं होतीं।

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सोना बेचने के टैक्स नियम

बिक्री पर भी जाल बिछा है। तीन साल से कम पुराना सोना बेचा तो स्लैब रेट पर टैक्स। तीन साल बाद 20 प्रतिशत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स, इंडेक्सेशन बेनिफिट के साथ। खरीदते समय 3 प्रतिशत जीएसटी चुकाएं। बिना बिल बेचने पर खरीदार को भी परेशानी।

रेड से बचाव के आसान उपाय

हर खरीदारी का बिल संभालें। आईटीआर में वैल्यू दिखाएं। लॉकर में रखें तो बैंक स्टेटमेंट मदद करता है। लिमिट से ज्यादा होने पर घबराएं नहीं, स्रोत साबित करें। वित्त मंत्रालय का फोकस काला धन पकड़ना है, वैध सोने पर नहीं।

2026 के बजट से पहले सोने के दाम गिरे हैं। स्मार्ट निवेशक खरीद रहे हैं, लेकिन नियमों का पालन कर। साफ रिकॉर्ड से सोने का असली मजा लें। टैक्स की तलवार से डरें नहीं, जानकारी से लड़ें। 

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info@ortpsa.in

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