
ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की ‘गाँव की बेटी योजना’ एक मील का पत्थर साबित हो रही है, इस योजना के तहत 12वीं कक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को कॉलेज की पढ़ाई के दौरान हर महीने छात्रवृत्ति दी जाती है।
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कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रति शैक्षणिक सत्र में 10 महीनों तक सहायता राशि प्रदान की जाती है:
- सामान्य स्नातक (BA, BSc, BCom आदि): ₹500 प्रति माह (कुल ₹5,000 सालाना)।
- इंजीनियरिंग/मेडिकल/तकनीकी कोर्स: ₹750 प्रति माह (कुल ₹7,500 सालाना)।
- यह राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
- मूल निवासी: छात्रा का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
- मेधावी छात्रा: 12वीं कक्षा में कम से कम 60% अंक (प्रथम श्रेणी) प्राप्त किए हों।
- ग्रामीण पृष्ठभूमि: छात्रा ने ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल से पढ़ाई की हो और वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में नियमित छात्रा के रूप में नामांकित हो।
जरूरी दस्तावेज (Checklist)
आवेदन के समय आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट।
- गाँव की बेटी प्रमाण पत्र (जनपद स्तर से सरपंच या CEO द्वारा सत्यापित)।
- आधार कार्ड, समग्र आईडी (Samagra ID) और मोबाइल नंबर।
- जाति, आय और मूल निवासी प्रमाण पत्र।
- कॉलेज एडमिशन की रसीद और बैंक पासबुक (आधार से लिंक)।
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आवेदन की पूरी प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है:
- आधिकारिक वेबसाइट MP Higher Education Scholarship Portal या State Scholarship Portal (scholarshipportal.mp.nic.in) पर लॉग इन करें।
- ‘Student Corner’ में आधार नंबर के जरिए नया रजिस्ट्रेशन करें।
- योजना का चुनाव करें और अपनी सभी शैक्षणिक व व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
- जरुरी प्रमाण पत्रों को स्कैन करके अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट निकालें और अपने कॉलेज के प्राचार्य से सत्यापित कराकर जमा करें।
योजना का लाभ लेने के लिए ‘गाँव की बेटी प्रमाण पत्र’ बनवाना अनिवार्य है, जिसके लिए आप अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत में संपर्क कर सकते हैं।
















