केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए फ्री सिलाई मशीन योजना 2026 की शुरुआत कर दी है। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत यह कार्यक्रम बीपीएल परिवारों, विधवाओं, दिव्यांगों और ग्रामीण महिलाओं को लक्षित कर रहा है, ताकि वे घर बैठे सिलाई का काम शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरल बनाई गई है, जिससे लाखों महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।

Table of Contents
योजना का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। योजना के तहत 15,000 रुपये मूल्य की सिलाई मशीन या ई-वाउचर मुफ्त मिलेगा। साथ ही, प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। एससी, एसटी, ओबीसी और सीमांत समुदायों को विशेष प्राथमिकता मिलेगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में पहले ही हजारों महिलाएं पंजीकृत हो चुकी हैं।
पात्रता के मानदंड
यह योजना 20 से 40 वर्ष की महिलाओं के लिए है, जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से हों। विधवाओं, एकल माताओं या आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वरीयता दी जाती है। आवेदिका का परिवार सरकारी नौकरी या पेंशन पर निर्भर न हो। सिलाई का बुनियादी ज्ञान होना लाभकारी है, लेकिन अनिवार्य नहीं। राज्यवार मामूली बदलाव हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय दिशानिर्देश जांचें।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
आवेदन के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट myscheme.gov.in या pmvishwakarma.gov.in पर जाएं। होमपेज पर सिलाई मशीन योजना का लिंक ढूंढें और नया रजिस्ट्रेशन चुनें। व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, मोबाइल नंबर, पता और बैंक खाता दर्ज करें। आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। फॉर्म की जांच कर सबमिट करें, फिर आवेदन नंबर नोट कर लें। सत्यापन के 4-6 सप्ताह बाद मशीन घर डिलीवर हो जाएगी। सीएससी केंद्रों पर ऑफलाइन सहायता भी उपलब्ध है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन में आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य हैं। आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक कॉपी और यदि लागू हो तो विधवा या दिव्यांग प्रमाण पत्र संलग्न करें। सभी दस्तावेज स्पष्ट और अपडेटेड हों, अन्यथा आवेदन रद्द हो सकता है। फर्जी वेबसाइटों से बचें और केवल सरकारी पोर्टल इस्तेमाल करें।
महत्वपूर्ण सलाह
योजना सीमित सीटों पर आधारित है, इसलिए जल्द आवेदन करें। स्थानीय जिला कल्याण कार्यालय या सीएससी से संपर्क कर स्टेटस चेक करें। यह न केवल मशीन देती है, बल्कि जीवन बदलने का मौका भी प्रदान करती है। पंजाब की बहनों ने इसे अपनाकर बुटीक और सिलाई सेंटर शुरू किए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं। सरकार की यह पहल महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी।











