पंजाब सरकार ने गरीब तबके के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। मेरी रसोई योजना के तहत राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को हर तीन महीने में मुफ्त रसोई किट मिलेगी। इसमें गेहूं और चावल के साथ दाल, चीनी, तेल, नमक तथा हल्दी जैसी दैनिक जरूरत की चीजें शामिल होंगी। यह कदम न केवल भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि पोषण स्तर को भी ऊंचा उठाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे जनता के कल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि पंजाब का अन्न भंडार अब सीधे घर-घर पहुंचेगा।

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योजना का स्वरूप और कार्यान्वयन
इस योजना की खासियत यह है कि यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले अनाज से अलग होगी। प्रत्येक किट में दो किलो दाल जैसे उड़द या चना, दो किलो चीनी, एक किलो आयोडीन नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल रहेगा। वितरण अप्रैल से जून की पहली तिमाही से शुरू हो जाएगा। सभी सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि लाभार्थी स्वस्थ जीवन जी सकें। सरकार का दावा है कि इससे राज्य की आधी से अधिक आबादी को फायदा होगा। पहले से चल रही व्यवस्था को मजबूत करते हुए अब पांच नई वस्तुओं को जोड़ा गया है।
लाभार्थियों का चयन और उद्देश्य
मुख्य रूप से दलित, गरीब किसान परिवार और शहरी झुग्गी निवासियों को निशाना बनाया गया है। उद्देश्य साफ है – बच्चों को भरपूर पोषण देना और भूखमरी की जड़ों को काटना। पंजाब जैसे समृद्ध कृषि राज्य में यह योजना आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई के दौर में यह रसोई का बजट संभालेगी। लुधियाना जैसे शहरों में मजदूर वर्ग को इससे बड़ी राहत मिलेगी, जहां रोजगार के बावजूद खाने की कीमतें बोझ बन गई हैं। साल भर में करोड़ों रुपये का सीधा लाभ जनता को होगा।
नाम जांचने की सरल प्रक्रिया
अपने नाम की पुष्टि आसानी से की जा सकती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल या पंजाब खाद्य आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर आधार कार्ड या राशन कार्ड नंबर दर्ज करें। मोबाइल ऐप के जरिए भी सूची डाउनलोड हो जाएगी। नजदीकी राशन दुकान पर जाकर सत्यापन करवाएं। एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था भी है। यदि नाम नजर न आए तो स्थानीय आंगनवाड़ी या पटवारी से मदद लें। वितरण के समय बायोमेट्रिक जांच जरूरी होगी, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भविष्य की संभावनाएं
यह घोषणा चुनावी माहौल में आई है, जिसे सत्ता पक्ष जनहित का प्रमाण बता रहा है। विपक्ष ने बजट व्यवस्था पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में प्रावधान का आश्वासन दिया। सामाजिक संगठनों ने इसे सराहा। पंजाब के निवासी उत्साहित हैं, खासकर वे जो दाल-तेल की ऊंची कीमतों से परेशान हैं। यदि ठीक से लागू हुई तो यह अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगी। कुल मिलाकर, मेरी रसोई योजना पंजाब को पोषण संपन्न बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। अधिक अपडेट के लिए सरकारी साइटों पर नजर रखें।
















