खेतों में पानी की कमी अब इतिहास बनने वाली है। सरकार ने किसानों को सिंचाई पाइप और फीता पाइप पर 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने का ऐलान किया है। इस योजना से न केवल पानी की बचत होगी बल्कि फसलें भी ज्यादा पैदावार देंगी। छोटे किसान भी कम खर्च में आधुनिक तकनीक अपना सकेंगे।

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पानी की बर्बादी रुकेगी, उत्पादन बढ़ेगा
पहले किसान कुओं या ट्यूबवेल से पानी नालियों के जरिए खेतों तक ले जाते थे। इससे आधा पानी रास्ते में ही बर्बाद हो जाता। अब फीता पाइप और मजबूत प्लास्टिक पाइप से सीधे खेतों तक पानी पहुंचेगा। इससे 50 से 70 प्रतिशत पानी बचेगा। फसल उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बिजली और खाद का खर्च भी कम हो जाएगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन से लड़ने में कारगर साबित होगा।
योजना का लाभ किसे मिलेगा
यह योजना हर उस किसान के लिए है जिसके पास खेती की जमीन हो। कुआं, ट्यूबवेल, तालाब या नहर जैसे पानी के स्रोत जरूरी हैं। छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्हें 70 से 80 प्रतिशत तक छूट यानी अधिकतम 18 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी। सामान्य किसानों के लिए 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडी है, जो 15 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। एससी-एसटी वर्ग को प्राथमिकता दी जाती है। बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए। एक बार लाभ लेने के बाद 10 साल तक दोबारा आवेदन नहीं होगा।
आसान तरीके से करें आवेदन
घर बैठे मोबाइल से आवेदन शुरू हो चुका है। राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट या केंद्रीय पोर्टल पर जाएं। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर, बैंक विवरण, जमीन के कागजात और फोटो अपलोड करें। फॉर्म में पाइप की लंबाई, प्रकार चुनें। जैसे ही आवेदन मंजूर होगा, डीलर से खरीदें और बिल जमा करें। 5 से 10 दिनों में पैसे खाते में आ जाएंगे। स्थानीय सीएससी केंद्र या कृषि कार्यालय से मदद लें। खरीदने के 30 दिनों के अंदर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। गुणवत्ता वाले पाइप ही चुनें जो मानक प्रमाणित हों।
किसानों की जुबानी
पंजाब के एक किसान ने बताया कि पहले नाली से पानी बह जाता था। अब फीता पाइप लगाने के बाद गेहूं की फसल 25 प्रतिशत ज्यादा हुई। लागत सिर्फ 5 हजार रुपये में पूरा सिस्टम लग गया। उत्तर प्रदेश और राजस्थान के खेतों में भी यही कहानी दोहराई जा रही है। बेमौसम बारिश या सूखे में भी फसलें सुरक्षित रहेंगी। कई किसानों ने कहा कि बिजली बिल आधा हो गया। सरकार जागरूकता कैंप भी लगा रही है ताकि कोई वंचित न रहे।
समय रहते उठाएं मौका
योजना 2026 तक चलेगी लेकिन आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। देर करने से मौका हाथ से निकल सकता है। नजदीकी कृषि अधिकारी या हेल्पलाइन से संपर्क करें। आधुनिक खेती अपनाकर किसान नुकसान से बचेंगे और आय दोगुनी करेंगे। यह सिर्फ पाइप नहीं बल्कि समृद्धि का रास्ता है। खेतों को हरा-भरा बनाने का समय आ गया है।
















