
देश के राजमार्गों (Highways) पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल टैक्स वसूली को लेकर क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है, 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी 1,150 से अधिक टोल प्लाजा को पूरी तरह ‘डिजिटल’ कर दिया जाएगा, जिसके बाद नकद (Cash) लेनदेन का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा।
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कैश दिया तो भरना होगा भारी जुर्माना
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे पर 100% कैशलेस व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, यदि कोई वाहन चालक टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने की कोशिश करता है, तो उसे ‘डिस्कसमेंट चार्ज’ के रूप में भारी जुर्माना देना होगा, वर्तमान प्रावधानों के अनुसार, डिजिटल माध्यम (FASTag) न होने पर चालक को दोगुना टोल शुल्क देना पड़ सकता है।
UPI भुगतान पर भी लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, जो वाहन चालक बिना FASTag के UPI के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें सामान्य टोल दर से 1.25 गुना अधिक शुल्क देना होगा। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य वाहन चालकों को FASTag और अन्य ऑटोमेटेड सिस्टम की ओर पूरी तरह स्थानांतरित करना है।
अधूरे एक्सप्रेसवे पर नहीं देना होगा प्रीमियम टोल
आम जनता को बड़ी राहत देते हुए NHAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15 फरवरी 2026 से उन एक्सप्रेसवे पर 25% अतिरिक्त प्रीमियम टोल नहीं वसूला जाएगा जो अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, जब तक एक्सप्रेसवे का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों से केवल सामान्य नेशनल हाईवे की दर से ही टोल लिया जाएगा।
KYC की झंझट होगी खत्म
डिजिटल प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने 1 फरवरी 2026 से FASTag के लिए बार-बार होने वाली KYC (Know Your Vehicle) प्रक्रिया की अनिवार्यता को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है, इससे निजी वाहन मालिकों को बार-बार बैंक या ऑपरेटर के चक्कर नहीं काटने होंगे।
सफर होगा सुपरफास्ट
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और देश में GPS-आधारित टोलिंग सिस्टम (Satellite-based Toll Collection) के लिए रास्ता साफ करना है, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस डिजिटल क्रांति से हर साल करोड़ों लीटर ईंधन की बचत होगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
















