
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की डिमांड ने एक नया इतिहास रच दिया है मार्च 2026 के आंकड़ों ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है, जहां इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 67% की भारी उछाल दर्ज की गई है, इस महीने कुल 22,159 यूनिट्स की बिक्री के साथ ईवी सेगमेंट ने अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।
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मार्केट लीडर्स का दबदबा: टाटा नंबर-1, महिंद्रा की लंबी छलांग
ईवी बाजार में टाटा मोटर्स का एकछत्र राज जारी है। मार्च में कंपनी ने 9,494 यूनिट्स बेचकर 77% की सालाना ग्रोथ हासिल की। टाटा की पंच EV और नेक्सन EV मध्यम वर्ग की पहली पसंद बनी हुई हैं।
वहीं, महिंद्रा इस महीने का सबसे बड़ा ‘सरप्राइज पैकेज’ साबित हुई है। महिंद्रा ने 5,244 यूनिट्स की बिक्री के साथ अपनी बाजार हिस्सेदारी को 7.8% से बढ़ाकर सीधे 21.2% पर पहुंचा दिया है, कंपनी की नई ‘बॉर्न-इलेक्ट्रिक’ सीरीज (BE और XEV मॉडल्स) को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इसे दूसरे पायदान पर मजबूती से खड़ा कर दिया है। JSW MG मोटर भी 5,113 यूनिट्स के साथ कड़ी टक्कर दे रही है।
आखिर क्यों मची है EV खरीदने की होड़?
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, मार्च में बिक्री बढ़ने के पीछे ये 4 बड़े कारण रहे:
- 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के साथ ही ग्राहकों में यह डर था कि फेम (FAME) जैसी सरकारी सब्सिडी योजनाएं खत्म हो सकती हैं, जिससे गाड़ियां महंगी हो जाएंगी।
- कंपनियों ने अपना पुराना स्टॉक (Inventory) निकालने के लिए मार्च में रिकॉर्ड तोड़ डिस्काउंट और एक्सचेंज बोनस दिए।
- टाटा हैरियर EV और महिंद्रा की XEV रेंज जैसे लंबी दूरी (Long Range) वाले मॉडल्स के आने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है।
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अनिश्चितता ने आम आदमी को कम रनिंग कॉस्ट वाले इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर जाने पर मजबूर किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इसी तेजी से सुधरता रहा, तो आने वाले महीनों में ईवी की यह रफ्तार और भी तेज हो सकती है।
















