
चुनाव आयोग (ECI) ने देश की मतदाता सूचियों को पूरी तरह शुद्ध और सटीक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, ताजा अपडेट के मुताबिक, देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) यानी विशेष गहन सुधार प्रक्रिया लागू की जाएगी।
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2026 से शुरू होगा घर-घर सर्वे
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, SIR की यह प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है, इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन (Verification) करेंगे इस प्रक्रिया में नागरिकता की जांच और मतदाता डेटा के मिलान पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सावधान! आधार और पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं
अक्सर लोग आधार कार्ड या पैन कार्ड को नागरिकता का सबसे बड़ा प्रमाण मानते हैं, लेकिन गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, आधार कार्ड, पैन कार्ड या राशन कार्ड अकेले नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, ये केवल पहचान या पते के प्रमाण (Identity/Address Proof) के रूप में काम करते हैं।
तैयार रखें ये 5 मुख्य दस्तावेज
SIR प्रक्रिया के दौरान अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए नागरिक निम्नलिखित दस्तावेजों को तैयार रख सकते हैं:
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): भारत में जन्म का आधिकारिक रिकॉर्ड।
- भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport): नागरिकता का सबसे मजबूत और मान्य दस्तावेज।
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Educational Certificates): स्कूल या कॉलेज के दस्तावेज जिनमें जन्म स्थान और नागरिकता का उल्लेख हो।
- माता-पिता की नागरिकता का प्रमाण: यदि आवश्यक हो, तो माता-पिता के भारतीय नागरिक होने के दस्तावेज।
- स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (PRC): संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास का प्रमाण।
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क्यों जरुरी है SIR?
निर्वाचन आयोग का लक्ष्य मतदाता सूची से उन नामों को हटाना है जो अब उस क्षेत्र में नहीं रहते, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनकी नागरिकता संदिग्ध है, इससे आने वाले चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल पात्र लोग ही मतदान कर पाएंगे।
















