
बीते 24 घंटों में दिल्ली-एनसीआर के निवासियों ने तेज धूप और असामान्य गर्मी का सामना किया, जो इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ। अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जो फरवरी के मध्य के लिए बिल्कुल अस्वाभाविक है। लेकिन मौसम ने एकाएक करवट ले ली है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 फरवरी के लिए झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित कर दिया है। इस चेतावनी से शहरवासी सतर्क हो गए हैं, क्योंकि दिन में अंधेरा छाने और बिजली चमकने की आशंका है।
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IMD की चेतावनी
IMD की चेतावनी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 18 फरवरी से मौसम में नाटकीय बदलाव देखने को मिलेगा। काले बादल छाए रहेंगे, हल्की से मध्यम बारिश के साथ धूल भरी आंधी चलेगी। हवा की गति 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ उखड़ने, होर्डिंग गिरने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। दिल्ली में सुबह धुंध का कोहरा अभी भी बरकरार है, न्यूनतम तापमान 10-12 डिग्री के आसपास है, जबकि आर्द्रता 63% और हवा की रफ्तार 7-8 किमी/घंटा दर्ज की गई। AQI खराब श्रेणी में बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों से नीचे उतर रहा है। “फरवरी में इतनी गर्मी सामान्य नहीं। कम हवा और साफ आसमान से दोपहर में तापमान चढ़ गया। अगले 48 घंटों में छिटपुट बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी जारी रहेगी।” पलावत के अनुसार, यह बदलाव अस्थायी है। बारिश के बाद तापमान फिर से उछाल ले सकता है।
तापमान का उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के लंबी अवधि के पूर्वानुमान से साफ है कि राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। 18 फरवरी को बारिश के बाद 19-20 फरवरी को अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे मौसम सुहावना हो जाएगा। न्यूनतम तापमान 12-14 डिग्री तक रहेगा। लेकिन 21-22 फरवरी तक हालात सामान्य हो जाएंगे। आसमान साफ होने और तेज धूप से अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे गर्मी का दौर दोबारा शुरू हो जाएगा, खासकर दोपहर के समय। धुंध भी बनी रहेगी, जो सुबह की दृश्यता को प्रभावित करेगी।
सावधानियां बरतें
येलो अलर्ट का मतलब है कि स्थिति गंभीर है, लेकिन तत्काल खतरा नहीं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक बाहर न निकलें। वाहन चालक कम स्पीड में गाड़ी चलाएं, छाता-रेनकोट साथ रखें। बिजली गिरने से बचाव के लिए खुले स्थानों से दूर रहें। किसानों को फसलों का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि अचानक बारिश से गेहूं-सरसों प्रभावित हो सकती है। स्कूलों और ऑफिसों में भी सतर्कता बरती जा रही है।
स्वास्थ्य और जलवायु चिंता
पिछले कुछ दिनों की गर्मी ने स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के केस बढ़ाए थे, लेकिन बारिश से ठंडक मिलेगी। फिर भी, प्रदूषण और ठंड से बुजुर्गों व बच्चों को सावधान रहना होगा। मास्क पहनें, गर्म कपड़े रखें। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन से ऐसे उलटफेर बढ़ रहे हैं। फरवरी में गर्मी और फिर अचानक सर्दी-बारिश असामान्य है। IMD लगातार निगरानी रख रहा है।
















