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दिल्ली-मेरठ नमो भारत मेट्रो: कितना लगेगा किराया और कहाँ-कहाँ रुकेंगी ट्रेनें? यहाँ देखें स्टेशनों की पूरी लिस्ट और फेयर चार्ट

नमो भारत मेट्रो ने तोड़ दिया रिकॉर्ड! 16 स्टेशन, सस्ता किराया, हाई स्पीड सफर क्या आप जानते हैं प्रीमियम क्लास का राज? ट्रैफिक जाम भूल जाइए, अभी पढ़ें पूरी लिस्ट और फेयर डिटेल्स!

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दिल्ली से मेरठ के बीच अब यात्रा पहले जैसी थकान भरी नहीं रह गई। नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो चुका है, जो सिर्फ 45 मिनट में 82 किलोमीटर की दूरी नाप लेता है। हाई स्पीड ट्रेनें यात्रियों को किफायती दामों पर प्रीमियम सुविधाएं दे रही हैं। स्टैंडर्ड कोच में किराया 20 रुपये से शुरू होकर 210 रुपये तक जाता है, जबकि प्रीमियम क्लास थोड़ा महंगा पड़ता है। यह नया परिवहन तंत्र एनसीआर के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

दिल्ली-मेरठ नमो भारत मेट्रो: कितना लगेगा किराया और कहाँ-कहाँ रुकेंगी ट्रेनें? यहाँ देखें स्टेशनों की पूरी लिस्ट और फेयर चार्ट

स्टेशनों का पूरा सफर

ट्रेन का सफर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होता है और मेरठ के मोदीपुरम पर खत्म होता है। रास्ते में कुल 16 स्टेशन आते हैं, जो प्रमुख शहरों और इलाकों को जोड़ते हैं। सराय काले खां के बाद न्यू अशोक नगर आता है, फिर आनंद विहार जहां मेट्रो से आसान कनेक्शन मिलता है। इसके बाद साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो। मुरादनगर पहुंचते ही मेरठ का इलाका शुरू हो जाता है। मोदी नगर साउथ और मोदी नगर नॉर्थ के बाद मेरठ साउथ आता है, जो मेरठ मेट्रो का इंटरचेंज पॉइंट है। फिर शताब्दी नगर, बेगमपुल और अंत में मोदीपुरम। ये स्टेशन जीटी रोड और एक्सप्रेसवे से जुड़े हैं, जिससे लोकल बस या ऑटो आसानी से मिल जाते हैं। जंगpura स्टेशन भविष्य में जुड़ सकता है, लेकिन अभी यह तैयार नहीं।

किराए का आसान हिसाब

किराया पूरी तरह दूरी पर निर्भर करता है। छोटी दूरी के लिए न्यूनतम 20 रुपये चुकाने पड़ते हैं। सराय काले खां से मोदीपुरम पहुंचने में स्टैंडर्ड कोच का किराया 210 रुपये है। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक जाने वालों को 150 रुपये देने होंगे। आनंद विहार से मेरठ साउथ का सफर 130 रुपये में पूरा हो जाता है। गाजियाबाद से मेरठ साउथ 90 रुपये और मोदीपुरम 150 रुपये। साहिबाबाद से मेरठ साउथ 110 रुपये लगते हैं। प्रीमियम कोच चुनने पर ये दाम करीब 20 प्रतिशत बढ़ जाते हैं, लेकिन इसके बदले एसी, वाई फाई और आरामदायक सीटें मिलती हैं। टिकट ऐप से बुक करें या स्टेशन काउंटर पर खरीदें। स्मार्ट कार्ड और मासिक पास से छूट भी मिलती है।

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यात्रा की खास बातें

ट्रेनें सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलती हैं, हर 15 से 20 मिनट के अंतराल पर। अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन शहरों में 80 तक सीमित रहती है। हर ट्रेन में 14 कोच होते हैं, जो 2800 यात्रियों को ले जा सकते हैं। सुरक्षा के लिए आरओ प्लेटफॉर्म, सीसीटीवी और एस्केलेटर हैं। मेरठ साउथ जैसे स्टेशनों पर मेट्रो से सीधा लिंक है। दैनिक कम्यूटर्स के लिए यह सबसे सस्ता और तेज विकल्प बन गया है। पहले कार या बस से 2 से 3 घंटे लगते थे, अब आधे से भी कम समय में मंजिल।

भविष्य की संभावनाएं

एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट को और मजबूत करने की योजना बना रहा है। यमुना नदी पर ब्रिज और फीडर लाइनें जल्द तैयार होंगी। इससे और ज्यादा इलाके जुड़ेंगे। यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे ट्रैफिक जाम कम हो रहा है। एक यात्री ने बताया कि अब ऑफिस जाने में समय की बचत हो रही है। हालांकि शुरुआत में भीड़ ज्यादा रहती है, लेकिन व्यवस्था सुधर रही है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर न केवल यात्रा आसान बना रहा है, बल्कि दोनों शहरों के बीच व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा देगा। ज्यादा जानकारी के लिए आधिकारिक ऐप या वेबसाइट देखें। यह नया युग परिवहन का है।

Author
info@ortpsa.in

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